पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से भारतीय एयरलाइंस पर भारी असर, 281 उड़ानें रद्द
नई दिल्ली में विमानन सेवाओं पर संकट
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का प्रभाव वैश्विक विमानन सेवाओं पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। 5 मार्च (गुरुवार) को भारतीय एयरलाइनों को कुल 281 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। यह स्थिति क्षेत्र में बिगड़ते हालात और कई देशों द्वारा हवाई क्षेत्र बंद करने के कारण उत्पन्न हुई।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने बताया कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने चौथे दिन में प्रवेश कर लिया है, जिससे भारतीय एयरलाइंस के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट प्रभावित हुए हैं, और हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उड़ानों पर संकट का कारण
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण उड़ानें प्रभावित
मध्य पूर्व में तनाव तब बढ़ा जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई सहित कई प्रमुख हस्तियों की मौत हो गई। इसके जवाब में तेहरान ने अमेरिकी ठिकानों और इज़राइली संपत्तियों पर हमले किए।
इस लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया, जिससे भारतीय एयरलाइंस को परिचालन निलंबित करना पड़ा।
The Ministry of Civil Aviation continues to closely monitor the evolving situation in West Asia. As of 5 March, a total of 281 flights scheduled to operate today by Indian domestic carriers have been cancelled. Passengers are advised to regularly monitor their flight status and…
— MoCA_GoI (@MoCA_GoI) March 5, 2026
प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द
प्रमुख हवाई अड्डों पर 170 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर पड़ा। मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे एयरपोर्ट से गुरुवार को लगभग 170 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उड़ान रद्द होने की जानकारी साझा करते हुए यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच अवश्य करें।
यात्रियों की सहायता के लिए सरकार के कदम
यात्रियों की मदद के लिए सरकार ने उठाए कदम
स्थिति को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 24 घंटे काम करने वाला यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR) सक्रिय कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, AirSewa, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 1,461 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
फंसे हुए यात्रियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। यात्री 011-24604283 या 011-24632987 पर संपर्क कर वास्तविक समय में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
खाड़ी देशों में फंसे यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था
खाड़ी देशों में फंसे यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था
खाड़ी देशों में फंसे भारतीय यात्रियों के लिए सरकार विशेष इंतजाम कर रही है। किराए में अचानक बढ़ोतरी को रोकने के लिए किराया निगरानी की जा रही है। इसके अलावा मंत्रालय एयरलाइंस, हवाई अड्डों, नियामक संस्थाओं और विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ मिलकर स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहा है।
सऊदी अरब और ओमान द्वारा अपने हवाई क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद कुछ उड़ान सेवाएं धीरे-धीरे बहाल होने लगी हैं। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा और मस्कट के लिए उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं।
एयरलाइंस की अतिरिक्त उड़ानें
अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने की तैयारी
यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइंस ने अतिरिक्त अस्थायी उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई है। स्लॉट उपलब्ध होने पर शुक्रवार तक दुबई, मस्कट और रास अल खैमाह के लिए अतिरिक्त सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।
एयरलाइंस का परिचालन शेड्यूल
एयरलाइंस ने बदला परिचालन शेड्यूल
स्थिति के अनुसार कई एयरलाइंस ने अपने परिचालन में बदलाव किया है। इंडिगो ने शुक्रवार को मध्य पूर्व के आठ गंतव्यों के लिए 17 उड़ानों का शेड्यूल तैयार किया है।
वहीं स्पाइसजेट ने गुरुवार को 13 विशेष उड़ानें संचालित कीं, जिनमें अकासा एयर की मुंबई-जेद्दा राउंडट्रिप उड़ान भी शामिल है। हालांकि अबू धाबी, दोहा, रियाद और कुवैत के लिए उड़ानें 7 मार्च तक स्थगित रहेंगी।
एयर इंडिया समूह की सेवाएं
एयर इंडिया समूह की सेवाएं 10 मार्च तक बंद
एयर इंडिया समूह की पश्चिम एशिया से जुड़ी कई सेवाएं 10 मार्च तक निलंबित रहेंगी। वहीं दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे प्रमुख हब पर निर्भर एमिरेट्स, कतर एयरवेज और एतिहाद जैसी एयरलाइंस भी इस संकट के कारण प्रभावित हो रही हैं।
आर्थिक प्रभाव का आकलन
भारतीय एयरलाइंस पर पड़ सकता है बड़ा आर्थिक असर
क्रेडिट एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में भारतीय एयरलाइंस की बड़ी मौजूदगी के कारण इस संकट का उन पर गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण एयर ट्रांजिट केंद्र में लंबे समय तक व्यवधान रहने से अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर संचालित एयरलाइंस को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
