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पश्चिम एशिया संकट: PM मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आज

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत में चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें संकट से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा होगी। कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री चुनावी कारणों से बैठक में शामिल नहीं होंगे। जानें इस बैठक के मुख्य बिंदु और संकट की पृष्ठभूमि के बारे में।
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पश्चिम एशिया संकट: PM मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आज

नई दिल्ली में बढ़ती चिंताएँ


नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है, और इसका प्रभाव भारत पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने संभावित चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है।


PM और मुख्यमंत्रियों की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और उनसे निपटने की रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी, हालांकि कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं होंगे।


सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करना है, ताकि 'टीम इंडिया' की भावना के तहत समन्वय बढ़ाया जा सके।


कौन से मुख्यमंत्री नहीं होंगे शामिल?

इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल नहीं किया गया है, जहां विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं।


इस कारण पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा इस बैठक का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।


चुनावी राज्यों का बहिष्कार

चुनाव प्रक्रिया वाले राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण उनके मुख्यमंत्रियों को इस बैठक में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, मंत्रिमंडल सचिवालय इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करेगा।


संघर्ष की शुरुआत

पश्चिम एशिया में यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी क्षेत्र और इजराइल पर हमले किए, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।


लोकसभा में PM मोदी का बयान

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लोकसभा में कहा कि यह संकट लंबे समय तक प्रभाव डाल सकता है और सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, 'यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज में संदेश दुनिया में जाए।'


कोरोना संकट से तुलना

प्रधानमंत्री ने इस स्थिति की तुलना कोविड-19 महामारी से करते हुए कहा कि देश को इस चुनौती का सामना एकजुट होकर करना होगा। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 महामारी के बाद से चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसा कोई वर्ष नहीं बीता जिसने भारत और भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है।'