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पश्चिम बंगाल की सियासी लड़ाई दिल्ली की सड़कों पर, TMC सांसदों का प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यह विरोध कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई छापेमारी के खिलाफ है, जिसे TMC ने केंद्र सरकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया है। पार्टी के प्रमुख नेता इस प्रदर्शन में शामिल हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। इस घटना ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
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पश्चिम बंगाल की सियासी लड़ाई दिल्ली की सड़कों पर, TMC सांसदों का प्रदर्शन

दिल्ली में TMC सांसदों का धरना

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रही है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र सरकार के बीच तनाव उस समय बढ़ गया, जब पार्टी के आठ सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ये सांसद कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई छापेमारी के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं, जिसे वे केंद्र सरकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई मानते हैं।


गुरुवार को, ED ने कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान जांच एजेंसी की टीम ने 'IPAC' नामक कंपनी के दो ठिकानों पर भी छापा मारा। यह कंपनी तृणमूल कांग्रेस के चुनावी प्रबंधन और रणनीतियों का संचालन कर रही है। इस कार्रवाई ने TMC नेतृत्व को भड़काया है, और पार्टी ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है। TMC का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है ताकि पश्चिम बंगाल में उनके चुनावी अभियान को बाधित किया जा सके।


गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर धरना देने वाले सांसदों में पार्टी के कई प्रमुख नेता शामिल हैं, जैसे डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय, कीर्ति आजाद, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, बापी हलदर और डॉ. शर्मिला सरकार। इन नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे डरने वाले नहीं हैं और एजेंसियों के इस कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। इस प्रदर्शन ने संसद के गलियारों से लेकर बंगाल तक राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।