पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र जारी
तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र
पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं, और तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र पेश किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बार महिलाओं और बेरोजगार युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। उन्होंने जनता से एकजुट रहने और भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील की। ममता ने आरोप लगाया कि राज्य में डर और लालच का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लोगों को इससे सतर्क रहना चाहिए।
महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएँ
घोषणापत्र में 'लक्ष्मी भंडार' योजना को और सशक्त बनाने का वादा किया गया है। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, बेरोजगार युवाओं के लिए भी हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है। ममता बनर्जी ने इसे लोगों के आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा से जोड़ा है।
VIDEO | Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee releases the Trinamool Congress' (TMC) manifesto for the 2026 state Assembly elections.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 20, 2026
(Full video available on PTI Videos- https://t.co/dv5TRAShcC) pic.twitter.com/dajd8gWqTT
कृषि और रोजगार के लिए बड़े वादे
टीएमसी ने किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट बनाने का वादा किया है। भूमिहीन किसानों को सहायता प्रदान करने और कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य को उद्योग और एमएसएमई का केंद्र बनाने की योजना है, जहाँ पहले से ही बड़ी संख्या में लोग कार्यरत हैं।
हर घर तक सुविधाएँ पहुँचाने की योजना
घोषणापत्र में हर परिवार को पक्का घर और पाइप से पीने का पानी उपलब्ध कराने का वादा शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'दुआरे चिकित्सा' शिविर हर ब्लॉक और शहर में आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, 'बांग्लार शिक्षायतन' योजना के तहत सरकारी स्कूलों के ढांचे को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि शिक्षा का स्तर ऊँचा उठ सके।
ममता बनर्जी का चुनावी क्षेत्र
टीएमसी ने उम्मीदवारों की सूची भी जारी की है, जिसमें ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी। बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ममता ने अपने संदेश में सभी धर्मों को समान बताते हुए एकता की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि राज्य की दिशा तय करने का चुनाव है।
