पश्चिम बंगाल चुनाव: ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र जारी किया
ममता बनर्जी की अपील और घोषणापत्र की मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता से एकजुट रहने की अपील की और बीजेपी के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय एजेंसियां लोगों को डराने या प्रभावित करने का प्रयास करें, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है।
युवाओं और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का वादा
बेरोजगारी के खिलाफ ठोस कदम
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतें पैसे और हथियारों के माध्यम से राज्य में अशांति फैलाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन उनकी सरकार सभी धर्मों और समुदायों को एक साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। घोषणापत्र में महिलाओं और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण वादे किए गए हैं। 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये देने का वादा किया गया है। इसके साथ ही, बेरोजगार युवाओं को भी हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
चुनाव की प्रक्रिया और ममता बनर्जी की उम्मीदवारी
सरकार ने यह भी बताया कि राज्य MSME क्षेत्र में अग्रणी है, जहां लगभग 1.5 करोड़ लोग कार्यरत हैं और चमड़ा उद्योग यहां का प्रमुख उद्योग बन चुका है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान किया जाएगा। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिस पर पूरे देश की नजरें रहेंगी।
भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी का चुनावी मैदान
उम्मीदवारों की सूची भी जारी की गई है, जिसमें ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी। शशि पांजा को मणिकतला से टिकट दिया गया है, जबकि सोहम चक्रवर्ती को चांदीपुर और टेहटा से उम्मीदवार बनाया गया है। ज्योतिप्रिय मलिक को हाबरा सीट से मैदान में उतारा गया है। कुछ नेताओं को इस बार टिकट नहीं मिलने से पार्टी में हलचल भी देखने को मिल रही है।
घोषणापत्र में विकास के लिए महत्वपूर्ण वादे
घोषणापत्र में किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट बनाने, हर परिवार को पक्का घर देने और हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने का वादा किया गया है। 'दुआरे चिकित्सा' के माध्यम से हर इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और 'बांग्लार शिक्षायतन' योजना के तहत स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की बात भी शामिल है। इसके साथ ही, राज्य को पूर्वी भारत का व्यापारिक केंद्र बनाने और नए जिलों के गठन का भी वादा किया गया है।
