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पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू

पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रिपल डी ऑपरेशन के तहत, बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पर लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। होल्डिंग सेंटरों की स्थापना से अवैध प्रवासियों की स्थिति की जांच की जाएगी। जानें इस अभियान के प्रभाव और आगे की योजनाओं के बारे में।
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पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू

अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान की शुरुआत


पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार का घुसपैठ रोधी अभियान अब केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह वास्तविकता में उतर आया है। हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट अवैध प्रवासियों के समूह देखे गए। पश्चिम बंगाल सरकार ने डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट (ट्रिपल डी) ऑपरेशन की घोषणा की, जिसके बाद अवैध प्रवासी सीमा की ओर बढ़ने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार सुबह उत्तरी 24 परगना के बशीरहाट सब-डिवीजन में हकीमपुर चेकपॉइंट पर सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिक अपने देश लौटने के लिए पहुंचे।


होल्डिंग सेंटरों का प्रभाव

अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में निवास कर रहे थे। सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने विदेशी नागरिकों को देश से बाहर करने और होल्डिंग सेंटर बनाने की घोषणाओं का प्रभाव दिखना शुरू हो गया है, जिसके चलते अवैध प्रवासी स्वयं चेकपॉइंट्स पर पहुंचने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अवैध रूप से बंगाल में रह रहे बांग्लादेशियों को निकालने के लिए ट्रिपल डी नीति अपनाने की बात कही थी। उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया था कि जो लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के दायरे में नहीं आते, उन्हें देश से बाहर जाना होगा। पुलिस ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर बीएसएफ को सौंप देगी ताकि उन्हें डिपोर्ट किया जा सके।


होल्डिंग सेंटरों की स्थापना

पश्चिम बंगाल सरकार ने होल्डिंग सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। इन सेंटरों में अवैध प्रवासियों को रखकर उनकी गहन जांच की जाएगी, और यदि उनकी स्थिति स्पष्ट हो जाती है, तो उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाएगा। यह निर्णय गृह और पहाड़ी मामलों के विभाग की विदेशी शाखा की पहल पर लिया गया है। मालदा जिले में पहला होल्डिंग सेंटर कार्य करना शुरू कर चुका है। यह सेंटर मालदा के इंग्लिश बाजार शहर के चंदन पार्क में स्थापित किया गया है, जहां पहले से ही 9 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक रखे गए हैं, जिनमें तीन महिलाएं और छह नाबालिग शामिल हैं। इस होल्डिंग सेंटर को विशेष निगरानी में रखा गया है।