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पश्चिम बंगाल में ईद समारोह के दौरान ममता बनर्जी का बयान

पश्चिम बंगाल में ईद उल फितर का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में संशोधन कर लोगों के वोट देने के अधिकार को छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रपति शासन भी लागू किया गया, तो वह अपनी बात पर अडिग रहेंगी। जानें इस समारोह में और क्या कहा ममता बनर्जी ने।
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पश्चिम बंगाल में ईद समारोह के दौरान ममता बनर्जी का बयान

ईद उल फितर का जश्न और ममता बनर्जी का बयान

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: रमजान का पवित्र महीना समाप्त होने के बाद आज (21 मार्च) ईद उल फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा करने के लिए ईदगाह पहुंचे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में ईद के उत्सव में भाग लिया। इस दौरान ममता बनर्जी ने एक बार फिर एसआईआर के मुद्दे को उठाया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में संशोधन के माध्यम से लोगों के “वोट देने के अधिकार छीनने” का आरोप लगाया। कोलकाता के रेड रोड पर ईद के जश्न के दौरान उन्होंने कहा कि एसआईआर में कई लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। इसके बाद उन्होंने इस मामले में न्याय के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। यदि सरकार राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लागू कर दे, तो वह अपनी बात पर अडिग रहेंगी। उन्होंने कहा, 'जो लोग डरते हैं, वे मरते हैं।'

सभा को संबोधित करते हुए टीएमसी प्रमुख ने कहा, “एसआईआर में कई लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। हमने न्याय के लिए पहले कोलकाता हाई कोर्ट और फिर दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। हमें अब भी उम्मीद है कि लोगों के अधिकारों की रक्षा होगी।”

टीएमसी प्रमुख ने आगे कहा, “हम सभी नागरिकों के साथ खड़े हैं—हर समुदाय, हर जाति और हर राज्य के साथ। आप सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं, और हम आपके लिए हमेशा खड़े रहेंगे और काम करते रहेंगे। यदि तरक्की और रोशनी के रास्ते में कोई बाधा आती है, तो हम उसे हटा देंगे। वे हमारी सरकार को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि वे राष्ट्रपति शासन भी लागू कर देते हैं, तब भी हम वही कहेंगे—’जो डरते हैं, वो मरते हैं…।”