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पश्चिम बंगाल में टीएमसी बागी गुट में नया विवाद

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी विधायकों के बीच एक नया विवाद उभरा है। ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता मिलने के बाद, बागी गुट ने उन्हें अपना नेता मानने से इनकार कर दिया है। हावड़ा के विधायक गुलशन मलिक ने स्पष्ट किया है कि ममता बनर्जी ही उनकी नेता हैं। इस स्थिति ने टीएमसी के भीतर की राजनीति को और जटिल बना दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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पश्चिम बंगाल में टीएमसी बागी गुट में नया विवाद

टीएमसी बागी गुट में फूट


टीएमसी बागी गुट में फूट: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा के स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी है। पार्टी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व में 60 विधायकों ने बगावत की है। इस बीच, टीएमसी के दो फाड़ होने की स्थिति में एक नया मोड़ आ गया है। बागी गुट के विधायकों ने अब ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता मानने से इनकार कर दिया है।


हावड़ा के पांचला से टीएमसी विधायक गुलशन मलिक, जो ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के बागी गुट में शामिल हैं, ने इस मुद्दे पर एक बड़ा बयान दिया है। मलिक ने कहा, "अगर कहा जाता है कि ममता बनर्जी मार्गदर्शक होंगी, तो मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगा। ममता ही हमारी नेता हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि हावड़ा से छह से सात विधायक ऐसे हैं, जो ममता बनर्जी को मार्गदर्शक नहीं, बल्कि नेता के रूप में मानते हैं।


गुलशन मलिक ने बताया कि इन विधायकों की बैठक में यह चर्चा हुई थी कि ममता बनर्जी ही उनकी नेता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्गदर्शक की बात को वे नहीं मानेंगे। यह ध्यान देने योग्य है कि बागी गुट ने टीएमसी में ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दी थी, और उनके विधायकों का कहना था कि ममता बनर्जी उनकी मार्गदर्शक हैं।