पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री के लिए पांच प्रमुख दावेदार
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद के दावेदार
पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री की चर्चा: बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में अपनी जीत के बाद नए मुख्यमंत्री के चयन पर विचार करना शुरू कर दिया है। नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होने की संभावना है। इस दौड़ में पांच प्रमुख नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें सुवेन्दु अधिकारी सबसे आगे हैं। आइए जानते हैं अन्य चार दावेदारों के बारे में।
सुवेन्दु अधिकारी: प्रमुख दावेदार
सुवेन्दु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके गृहनगर भवानीपुर में हराकर मुख्यमंत्री पद की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत की है। उनका राजनीतिक सफर 1989 में कांग्रेस की छात्र परिषद से शुरू हुआ। टीएमसी में शामिल होने के बाद, उन्होंने 2014 में मोदी लहर के बावजूद अपनी लोकसभा सीट जीती। 2020 में टीएमसी से अलग होकर, उन्होंने भाजपा जॉइन की और 2021 में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हराया। अब 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दो सीटों (नंदीग्राम और भवानीपुर) से जीत हासिल की है।
अग्निमित्रा पॉल: एक और दावेदार
आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल की छवि एक आक्रामक नेता की है। उन्हें इस साल जनवरी में पश्चिम बंगाल भाजपा की उपाध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से टीएमसी के तापस बनर्जी को बड़े अंतर से हराया। भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रह चुकी अग्निमित्रा पॉल को महिला आरक्षण के मुद्दे को भुनाने के लिए सीएम पद का दावेदार माना जा रहा है।
दिलीप घोष: भाजपा के जमीनी नेता
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उन्होंने 2015 से 2021 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और उनके नेतृत्व में पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतीं। घोष को बंगाल में भाजपा के संगठन को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है।
समिक भट्टाचार्य: प्रदेश अध्यक्ष
पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य का नाम भी सीएम पद के दावेदारों में शामिल है। उन्होंने 1971 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर 1980 के दशक में भाजपा जॉइन की। भट्टाचार्य को कुशल रणनीतिकार और विचारशील वक्ता के रूप में जाना जाता है।
रूपा गांगुली: द्रौपदी की भूमिका निभाने वाली
महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली भी सीएम पद की दौड़ में हैं। वह 2016 से 2022 तक राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं और इस बार सोनारपुर दक्षिण सीट से विधानसभा चुनाव जीती हैं। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
