पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल: ममता बनर्जी का ईडी के खिलाफ मोर्चा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सख्त बयान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। पहले SIR को लेकर विवाद हुआ था, और अब पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC पर ईडी की छापेमारी ने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की है और ईडी के खिलाफ रैली का आयोजन किया है। पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है।
ममता बनर्जी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ एक तीखा बयान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की गरिमा और सुरक्षा के कारण वह कुछ बातें सार्वजनिक नहीं कर रही हैं, लेकिन यदि उन्होंने बोलना शुरू किया, तो इससे पूरी दुनिया में हलचल मच जाएगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी पर कोयला घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे पेनड्राइव हैं जिनमें भ्रष्टाचार के ठोस सबूत हैं, और जरूरत पड़ने पर वह इन्हें सार्वजनिक कर सकती हैं।
दिल्ली में तृणमूल सांसदों के साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि भाजपा नेताओं को बंगाल में विशेष स्वागत मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कमजोर हैं। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को 'गद्दार' कहकर निशाना बनाया और कहा कि कोयले की दलाली का पैसा सीधे गृह मंत्री तक पहुंचता है। मुख्यमंत्री का यह पेनड्राइव वाला बयान बंगाल की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकता है।
