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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी पर हमला: क्या है सत्ताधारी पार्टी की भूमिका?

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए हमले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस घटना के बाद भाजपा नेता ने पुलिस चौकी पर धरना दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी सरकार की आलोचना की। जानें इस हमले के पीछे की पूरी कहानी और भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया।
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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी पर हमला: क्या है सत्ताधारी पार्टी की भूमिका?

मेदिनीपुर में राजनीतिक तनाव


मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति शनिवार रात उस समय उग्र हो गई जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर चंद्रकोना क्षेत्र में हमला हुआ। इस घटना के बाद भाजपा नेता ने पुलिस चौकी जाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया।


यह घटना तब हुई जब शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम लौट रहे थे, जहां उन्होंने पुरुलिया में एक जनसभा को संबोधित किया था। रास्ते में भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन अचानक स्थिति बिगड़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।


हमले का विवरण

शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, यह घटना रात लगभग 8:20 से 8:30 बजे के बीच गरबेटा थाना क्षेत्र के चंद्रकोना रोड बाजार के पास हुई। जैसे ही उनका काफिला चौराहे पर पहुंचा, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का एक समूह कथित तौर पर रास्ता रोकने लगा।


भाजपा का आरोप है कि इस दौरान अधिकारी की गाड़ी पर बांस की लाठियों और डंडों से हमला किया गया। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी भी हुई और यह टकराव लगभग एक घंटे तक सड़क पर चलता रहा।


पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, "रात करीब 8:20 बजे, जब मैं पुरुलिया से लौट रहा था, चंद्रकोना रोड पर टीएमसी के गुंडों ने मुझ पर बेरहमी से हमला किया। ममता बनर्जी सरकार की हिंसा और दंडमुक्ति की संस्कृति से प्रेरित इन लोगों ने ममता पुलिस की मौजूदगी में मुझ पर हमला किया।"


धरने का आयोजन

हमले के बाद, शुभेंदु अधिकारी चंद्रकोना रोड पुलिस चौकी पहुंचे और वहीं धरना देने लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वह पुलिस परिसर नहीं छोड़ेंगे।


पुलिस चौकी में एक वकील की मदद से उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है और पूरे मामले की जांच की जाएगी।


भाजपा की प्रतिक्रिया

इस घटना पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने एक बयान में कहा, "पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का पूर्ण पतन अब बहस का विषय नहीं रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विफल शासन में, उनकी पूरी तरह से पक्षपाती पुलिस प्रशासन की मदद से यह हर दिन स्पष्ट हो रहा है।"


उन्होंने आगे कहा कि नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी एक बार फिर "हिंसक और सुनियोजित हमले" का शिकार हुए हैं।