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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: क्या ममता बनर्जी फिर से करेंगी जीत हासिल?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा हो चुकी है, जिसमें मतदान दो चरणों में होगा और परिणाम 4 मई को आएंगे। ओपिनियन पोल के अनुसार, ममता बनर्जी की टीएमसी को जनता का समर्थन प्राप्त है, जबकि भाजपा को झटका लग सकता है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। जानें इस चुनावी माहौल में क्या हो सकता है आगे।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: क्या ममता बनर्जी फिर से करेंगी जीत हासिल?

चुनाव की तारीखों का ऐलान


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा हो चुकी है। चुनाव आयोग ने राज्य में मतदान को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया है, और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC), भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। भाजपा ममता बनर्जी को हराने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, जबकि ममता चौथी बार जीत का विश्वास व्यक्त कर रही हैं।


राजनीतिक माहौल और चुनाव की प्रक्रिया

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, और चुनाव दो चरणों में होंगे। मतदान के बाद 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ममता बनर्जी की टीएमसी पिछले चुनावों में मजबूत स्थिति में रही है, जबकि भाजपा लगातार अपने संगठन को मजबूत कर रही है। कांग्रेस भी चुनावी मैदान में है, लेकिन उसकी स्थिति कमजोर नजर आ रही है।


ओपिनियन पोल के परिणाम

इंडिया टीवी और एक अन्य मीडिया चैनल के संयुक्त ओपिनियन पोल के अनुसार, ममता बनर्जी की टीएमसी पर जनता का विश्वास बना हुआ है। इस सर्वे में टीएमसी को 155 से 170 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, पिछली बार की तुलना में सीटें थोड़ी कम हो सकती हैं, लेकिन बहुमत टीएमसी के पास रहने की संभावना है। भाजपा को 100 से 115 सीटें मिलने का अनुमान है, जो उसके लिए एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह सत्ता परिवर्तन की उम्मीद कर रही थी।


ओवैसी की पार्टी का आश्चर्यजनक प्रदर्शन

इस पोल में सबसे चौंकाने वाला परिणाम एआईएमआईएम का है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को 5 से 6 सीटें मिलने का अनुमान है, जो कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन दर्शा रहा है। कांग्रेस का खाता शायद न खुले।


अन्य पार्टियों को 0 से 1 सीट मिलने की संभावना है। एआईएमआईएम ने हाल ही में बंगाल में मुस्लिम वोट बैंक पर ध्यान केंद्रित किया है और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही है। यह टीएमसी के लिए एक चुनौती बन सकता है, क्योंकि मुस्लिम वोट बंट सकते हैं।