पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: क्या तीन चरणों में होगा मतदान?
बंगाल में चुनावी तैयारियों की रफ्तार
पश्चिम बंगाल: आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस बार मतदान प्रक्रिया को कम चरणों में संपन्न कराने की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में चुनाव केवल तीन चरणों में आयोजित किए जा सकते हैं। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह चुनाव आयोग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी, क्योंकि 2021 में बंगाल में आठ चरणों में मतदान हुआ था। ऐतिहासिक रूप से, पश्चिम बंगाल में चुनाव कई चरणों में होते आए हैं।
चुनाव की त्वरित प्रक्रिया की योजना
पश्चिम बंगाल को लंबे समय से राजनीतिक हिंसा और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील राज्य माना जाता है। इसी कारण पहले अधिक चरणों में चुनाव कराए जाते थे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। हालांकि, 2021 में चुनाव के चरणों की संख्या अधिक होने का एक कारण कोरोना महामारी भी थी। इस बार आयोग का ध्यान बेहतर सुरक्षा प्रबंधन के माध्यम से कम समय में चुनाव संपन्न कराने पर है।
सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना
सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती की तैयारी: चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस बार बंगाल में लगभग ढाई लाख अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा सकती है। यह संख्या पिछले चुनावों की तुलना में लगभग दोगुनी होगी। सुरक्षा बलों की इतनी बड़ी मौजूदगी का उद्देश्य हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण रखना और कम चरणों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय चुनाव आयोग की समीक्षा
केंद्रीय चुनाव आयोग करेगा समीक्षा: राज्य चुनाव आयोग की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद केंद्रीय चुनाव आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का आकलन करेगा। इसी सिलसिले में 5 जनवरी को एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई थी, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उन राज्यों के चुनाव अधिकारियों से चर्चा की, जहां इस वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं।
राज्य चुनाव अधिकारी का बयान
राज्य चुनाव अधिकारी का दावा: बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने जानकारी दी कि राज्य तीन चरणों में मतदान कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए सुरक्षा बलों की संख्या में कुछ बढ़ोतरी आवश्यक होगी। आयोग अब इस प्रस्ताव की व्यवहारिकता और सुरक्षा पहलुओं पर विचार कर रहा है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं
राजनीतिक दलों की नजरें और आकलन: चुनाव के चरण कम होने की संभावना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा से जुड़े सूत्रों का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाले चुनाव से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रणनीतिक बढ़त मिलती है। उनका दावा है कि कम अवधि के चुनाव में एंटी-इनकंबेंसी को संभालने के मौके सीमित हो जाते हैं।
मतदान की संभावित तिथियां
मतदान की संभावित समय-सीमा: बताया जा रहा है कि इस बार राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर मतदान अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई की शुरुआत में कराया जा सकता है। 2021 में चुनाव 27 मार्च से 29 अप्रैल तक चले थे और परिणाम 2 मई को घोषित हुए थे। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो बंगाल की सियासत की दिशा तय करेगा।
