पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर किसानों को आश्वस्त किया
किसानों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
कहा, हमारे पास पर्याप्त उर्वरक, किसानों के पास नैनो यूरिया का विकल्प मौजूद
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिससे भारत भी प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई में बाधा आ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह संघर्ष बढ़ता है, तो उर्वरक आयात पर असर पड़ सकता है, जिससे किसानों को कठिनाई हो सकती है। इस पर पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि वे किसानों को इस संकट से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
लोकसभा में पीएम मोदी का बयान
किसानों के कल्याण पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है। खरीफ सीजन की बुआई के लिए सभी तैयारियां की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब यूरिया की कीमतें बढ़कर 3000 रुपये तक पहुंच गई थीं, तब भी किसानों को यह 300 रुपये में उपलब्ध कराया गया। पिछले एक दशक में देश में छह नए यूरिया प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।
सरकार ने खाद के आयात को विविधता प्रदान किया है और किसानों को मेड इन इंडिया नैनो यूरिया का विकल्प दिया है। इसके अलावा, 22 लाख से अधिक सोलर पंप किसानों को दिए गए हैं। पीएम मोदी ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार किसानों की हर संभव सहायता करती रहेगी।
भारत का भविष्य और ऊर्जा सुरक्षा
पीएम मोदी ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन पर काम करने से भारत का भविष्य सुरक्षित होगा। ऊर्जा आज अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा जरूरतों का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि भारत पर इस संकट का न्यूनतम प्रभाव डालने के लिए सरकार छोटे, मध्यम और दीर्घकालिक उपायों पर काम कर रही है।
सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है, जो रोजाना मिलकर आयात-निर्यात पर चर्चा करता है और समाधान खोजता है।
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