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पुदुचेरी चुनाव 2026: विजय थलापति की फिल्मी एंट्री और बड़े वादे

पुदुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 में विजय थलापति ने एक फिल्मी अंदाज़ में एंट्री की है, जिससे चुनावी माहौल में हलचल मच गई है। उन्होंने कांग्रेस-डीएमके और भाजपा गठबंधनों पर तीखे हमले किए हैं। विजय ने वादा किया है कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर हर परिवार को 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और गरीबों को मुफ्त बिजली प्रदान करेगी। इसके अलावा, पुदुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का भी आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि जनता इस फिल्मी राजनीति को कैसे स्वीकार करती है।
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पुदुचेरी चुनाव 2026: विजय थलापति की फिल्मी एंट्री और बड़े वादे

पुदुचेरी विधानसभा चुनाव में विजय थलापति की एंट्री

पुदुचेरी चुनाव: पुदुचेरी की राजनीति में चुनावों से पहले विजय थलापति ने एक फिल्मी अंदाज़ में एंट्री की है, जिसने चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है। उनके बयान तीखे हैं और वादे बड़े—उनका अंदाज़ पूरी तरह से स्टार जैसा है। आगामी 9 अप्रैल को होने वाले पुदुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले, विजय ने दोनों प्रमुख गठबंधनों पर सीधा हमला किया। उन्होंने कांग्रेस-डीएमके गठबंधन को “भ्रमित गठबंधन” और भाजपा गठबंधन को “थका हुआ गठबंधन” करार दिया। उनका कहना है कि इन दलों ने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद पुदुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिलाया।


रैली में विजय का अंदाज़ पूरी तरह से फिल्मी था। उन्होंने जनता से अपनी पार्टी के ‘सीटी’ चुनाव चिन्ह पर वोट देने की अपील की और इसे “एक उंगली की क्रांति” बताया—जैसे किसी फिल्म का डायलॉग हो, लेकिन इस बार यह सियासत के मंच पर था। असली खेल उनके वादों में नजर आया। विजय ने घोषणा की कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो हर परिवार को 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। इसके साथ ही गरीब परिवारों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा भी किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने “पुदुचेरी यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज एंड आर्ट्स” की स्थापना की बात कही।


विजय यहीं नहीं रुके। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बनने पर पुदुचेरी को उपराज्यपाल के हस्तक्षेप से मुक्त कर पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने छह महीने के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराने का भी वादा किया। चुनावी मैदान में विजय की एंट्री और उनके आक्रामक बयान अब पूरे माहौल को गरमा चुके हैं। एक ओर बड़े वादे हैं, दूसरी ओर गठबंधनों पर सीधा हमला—अब देखना यह होगा कि जनता इस “फिल्मी राजनीति” को कितना पसंद करती है।