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प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच फोन वार्ता: क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा, और हालिया हमलों पर चर्चा की। मोदी ने शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार की स्वतंत्रता पर भी बात की। यह वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
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प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच फोन वार्ता: क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा

मोदी और पेजेशकियान की बातचीत


शनिवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर संवाद किया। इस बातचीत में उन्होंने ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, हालिया हमलों और वैश्विक व्यापार पर उनके प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गईं। दोनों नेताओं ने शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।


क्षेत्रीय स्थिति पर विचार

बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों पर गहन विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आशा व्यक्त की कि त्योहारों का यह समय पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी देशों को संयम और सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि तनाव को कम किया जा सके।


हमलों की निंदा

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधियों को रोकना आवश्यक है।


समुद्री मार्गों की सुरक्षा

बातचीत में समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक व्यापार के लिए शिपिंग लेन का सुरक्षित और खुला रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कोई बाधा न आए।


शांति और सहयोग की आवश्यकता

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति और सहयोग को मजबूत करना समय की मांग है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपसी संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही स्थायी समाधान संभव है। इस बातचीत को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.