प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल दौरा: आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी का इजराइल दौरा
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजराइल की जनता के प्रति भव्य स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया।
पीएम मोदी ने कहा कि लगभग नौ वर्ष पहले उन्हें इजराइल आने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला था और इस देश की धरती पर दोबारा कदम रखना उनके लिए गर्व और भावनात्मक अनुभव है।
'आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं'
प्रधानमंत्री ने बताया कि रक्षा के क्षेत्र में इजराइल के साथ भारत का दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग है। पिछले वर्ष हुए समझौते से नए आयाम जुड़ेंगे। हम मिलकर प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की दिशा में आगे बढ़ेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम आतंकवाद और उसके समर्थकों का विरोध करते रहेंगे।
#WATCH | Jerusalem | Addressing a joint press briefing with Israel PM Benjamin Netanyahu, PM Modi says, "India’s vision is clear that humanity must never become a victim of conflict. The Gaza Peace Plan has opened a route to peace. India has supported such efforts. In future too,… pic.twitter.com/p5iXfkLrzX
— News Media (@NewsMedia) February 26, 2026
'स्थायी समाधान की दिशा में एक अहम कदम'
इजराइल दौरे के दौरान, पीएम मोदी ने गाजा के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनने देना चाहिए। गाजा शांति पहल को क्षेत्र में स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। भारत ने इस पहल का समर्थन किया है और आगे भी संवाद का रास्ता अपनाएगा।
'शांति के पक्ष में भारत'
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघर्ष किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। भारत का मानना है कि संवाद और सहयोग से ही क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि नई दिल्ली सभी देशों के साथ मिलकर शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आतंकवाद पर कड़ा रुख
प्रधानमंत्री ने हमास द्वारा इजराइल में किए गए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। भारत और इजराइल दोनों इस बात पर सहमत हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंक और उसके समर्थकों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी.
