प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा: भारत-इजरायल संबंधों में नई ऊंचाई
प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इजरायल का दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस यात्रा को भारत-इजरायल संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण 'मील का पत्थर' बताया। यह दौरा लगभग 9 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इजरायल में दूसरा दौरा था, जिसने पिछले दशक में हुई प्रगति को एक नई दिशा दी है।
24 घंटे का दौरा, महत्वपूर्ण परिणाम
विदेश सचिव के अनुसार, यह दौरा 24 घंटे से थोड़ा अधिक समय तक चला, लेकिन इसके परिणाम व्यापक रहे हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के मजबूत होते रिश्तों का एक हिस्सा है। पिछले वर्ष में, प्रधानमंत्री ने कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों का दौरा कर इस क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को मजबूत किया है।
नेसेट में सम्मान और ऐतिहासिक संबोधन
इस यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण इजरायल की संसद 'नेसेट' में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन था। उन्हें भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 'नेसेट मेडल' से सम्मानित किया गया, जिससे वे इस सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बन गए।
तकनीकी, कृषि और रक्षा पर ध्यान
दौरे के दौरान, दोनों नेताओं ने एक विशेष तकनीकी प्रदर्शनी का दौरा किया और विस्तृत बातचीत की। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, दोनों देशों ने 'शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी' को बढ़ाने का निर्णय लिया। इस दौरान कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, विज्ञान, तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा और व्यापार शामिल हैं।
याद वाशेम का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने यरुशलम में 'याद वाशेम' (विश्व होलोकॉस्ट स्मृति केंद्र) जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात की और उनकी 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत राष्ट्रपति भवन के बगीचे में ओक का पेड़ लगाया।
यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री ने इजरायल में रहने वाले भारतीय यहूदी समुदाय और इंडोलॉजिस्ट से मुलाकात की। उन्होंने सांस्कृतिक क्षेत्र की हस्तियों और प्रसिद्ध टीवी श्रृंखला 'फौदा' के कलाकारों से भी बातचीत की। विदेश सचिव ने कहा कि यह दौरा दर्शाता है कि भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों में इजरायल को कितनी प्राथमिकता देता है।
