प्रधानमंत्री मोदी का जापान दौरा: आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा

प्रधानमंत्री मोदी का जापान दौरा
PM Modi Japan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे हैं। यहां वे अपने जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे और 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दो दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती प्रदान करना है।
यह पीएम मोदी का जापान का आठवां दौरा है। जापानी प्रधानमंत्री इशिबा ने उनके स्वागत के लिए उन्हें आमंत्रित किया है। टोक्यो पहुंचने पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान विकासात्मक सहयोग को और गहराई देंगे और यह दौरा साझेदारी को नए अवसरों से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
Landed in Tokyo. As India and Japan continue to strengthen their developmental cooperation, I look forward to engaging with PM Ishiba and others during this visit, thus providing an opportunity to deepen existing partnerships and explore new avenues of collaboration.… pic.twitter.com/UPwrHtdz3B
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
जापान से बड़े निवेश की उम्मीद
जापान की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जापानी सरकार इस दौरे के दौरान भारत में 10 ट्रिलियन येन यानी लगभग 68 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य की घोषणा कर सकती है। दोनों देशों के नेता इस पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं। यह नया निवेश लक्ष्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
प्रौद्योगिकी और सुरक्षा पर बातचीत
दोनों नेता आर्थिक सुरक्षा पर नए ढांचे पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है। पीएम मोदी जापान के सेंदई शहर भी जाएंगे, जहां वे एक सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का दौरा करेंगे।
चीन का दौरा और SCO शिखर सम्मेलन
जापान यात्रा के बाद, पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत SCO में हमेशा सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाता आया है और आगे भी साझा चुनौतियों पर मिलकर काम करेगा। इस यात्रा से न केवल भारत-जापान साझेदारी गहरी होगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका भी और सशक्त होगी।