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प्रधानमंत्री मोदी का सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस पर हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि चुनाव के बाद उनकी विदाई तय है। उन्होंने मदरसों के लिए खर्च और चाय बागान श्रमिकों के अधिकारों पर भी बात की। जानें उनके भाषण की प्रमुख बातें और चुनावी वादे।
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प्रधानमंत्री मोदी का सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस पर हमला

पश्चिम बंगाल चुनाव में मोदी का जोरदार भाषण

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद TMC का बंगाल से जाना तय है और जनता बदलाव की चाहत रखती है। अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन, पीएम मोदी ने एक जनसभा में कहा कि उनके हालिया रोड शो में लोगों का अभूतपूर्व समर्थन मिला। उन्होंने यह भी कहा कि यह सभा TMC की “नींद उड़ाने” वाली है और राज्य की जनता अब परिवर्तन की ओर अग्रसर है।

मदरसों के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का खर्च

पीएम मोदी ने दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों में भाजपा के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन TMC सरकार ने इन्हें नजरअंदाज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने मदरसों के लिए 6 हजार करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि आम जनता के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। पीएम ने कहा कि राज्य की जनता ने पिछले वर्षों में “कुशासन” का सामना किया है और अब TMC को अपने 15 साल के शासन का जवाब देना होगा। सभा में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से लोगों को अधिकार और सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्होंने “कमल खिलाओ, घुसपैठिया भगाओ” का नारा देते हुए TMC को “निर्मम सरकार” करार दिया।

चाय बागान श्रमिकों के लिए आश्वासन

पीएम मोदी ने चाय बागान श्रमिकों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी असम में भाजपा सरकार ने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए काम किया है और भूमि पट्टे दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बंगाल में भी श्रमिक परिवारों को भूमि के अधिकार दिए जाएंगे। इससे पहले, पीएम ने कटवा, जंगीपुर और कुशमंडी में तीन बड़ी रैलियों को संबोधित किया। दिनभर के कार्यक्रमों के बाद, वह सिलीगुड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने एक भव्य रोड शो भी किया। दार्जिलिंग जिले की सभी 5 सीटों पर भाजपा का कब्जा है, जबकि जलपाईगुड़ी जिले की 7 सीटों में से 4 पर TMC और 3 पर भाजपा के विधायक हैं। यहां राजबंशी और आदिवासी (ST) समुदाय चुनावी परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।