प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा: भारत-इजरायल संबंधों में नई ऊँचाइयाँ
प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से इजरायल की दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। इस यात्रा को लेकर इजरायल में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इजरायल ने पीएम मोदी के स्वागत के लिए 'रेड कार्पेट' बिछाया है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विशेष रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है। पीएम मोदी के सम्मान में इजरायल की संसद 'नेसेट' को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाया गया है। नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना ने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर साझा करते हुए इसे भारत-इजरायल की बढ़ती साझेदारी का प्रतीक बताया।
इजरायल के नेताओं की प्रतिक्रिया
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने X पर हिंदी में एक पोस्ट में लिखा, "पूरा इज़राइल कल प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्साहित है। वह इज़राइल के सच्चे दोस्त हैं। इज़राइल और भारत के बीच रिश्ता सिर्फ़ स्ट्रेटेजिक नहीं है, बल्कि देशों के बीच गहरी दोस्ती का बंधन है।"
भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने की योजना
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान भारत और इज़राइल के संबंधों को एक “स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” में विकसित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, यह कदम अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों के साथ इज़राइल के संबंधों की तुलना में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। पीएम मोदी का यह दौरा रक्षा और व्यापार में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से है। यह उनका इज़राइल का दूसरा दौरा होगा, पहले दौरे में इस रिश्ते को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में अपग्रेड किया गया था।
दौरे के दौरान महत्वपूर्ण कार्यक्रम
PM मोदी को एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा द्वारा स्वागत किया जाएगा। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच एक व्यक्तिगत बैठक होगी। यरुशलम में, पीएम मोदी सांसदों को संबोधित करने के लिए नेसेट जाएंगे और भारतीय समुदाय के सदस्यों से मिलेंगे। बुधवार शाम को, पीएम मोदी इज़राइल की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी में शामिल होंगे।
भारत-इजरायल संबंधों की नई दिशा
इस यात्रा को भारत-इज़राइल के बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों की एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
