Newzfatafatlogo

प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा: सुरक्षा और कूटनीति का नया अध्याय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की दो दिवसीय यात्रा शुरू की है, जो न केवल कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि उनके विमान के मार्ग और सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण भी चर्चा का विषय बनी हुई है। 'फ्लाइटरडार' के आंकड़ों के अनुसार, उनकी उड़ान को विश्व में सबसे अधिक ट्रैक किया जा रहा है। जानें इस यात्रा के दौरान सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं के बारे में, जिसमें पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस से दूरी बनाना शामिल है।
 | 
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा: सुरक्षा और कूटनीति का नया अध्याय

प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इजरायल की दो दिवसीय महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे हैं। इस बार उनकी यात्रा केवल कूटनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उनके सफर के कारण भी चर्चा का विषय बनी हुई है। विमानों की आवाजाही पर नजर रखने वाले प्रसिद्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'फ्लाइटरडार' के अनुसार, पीएम मोदी की उड़ान को इस समय विश्व में सबसे अधिक ट्रैक किया जा रहा है। जैसे ही उनका विमान तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, भारतीय कूटनीति और तकनीकी सुरक्षा के प्रति वैश्विक रुचि स्पष्ट हो गई।


फ्लाइटरडार एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो दुनिया भर में उड़ान भर रहे विमानों की वास्तविक समय में स्थिति, गति, ऊंचाई और मार्ग की जानकारी प्रदान करता है। बुधवार की शाम, जब पीएम का विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को पार कर जॉर्डन में दाखिल हो रहा था, तब लगभग 7,184 लोग इसे एक साथ लाइव ट्रैक कर रहे थे। किसी भी राष्ट्राध्यक्ष की उड़ान के प्रति इस तरह की उत्सुकता बहुत कम देखने को मिलती है।


रणनीतिक मार्ग: पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस से दूरी

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का सबसे दिलचस्प पहलू विमान का मार्ग रहा। सुरक्षा और रणनीतिक कारणों से उनके विमान ने पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस को पूरी तरह से 'एवॉइड' किया। 25 फरवरी 2026 की सुबह दिल्ली के पालम एयर फोर्स स्टेशन से उड़ान भरने के बाद, एयर इंडिया वन गुजरात होते हुए अरब सागर के ऊपर से ओमान पहुंचा। इसके बाद विमान ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के मध्य से होते हुए जॉर्डन में प्रवेश किया और फिर इज़राइल की सीमा में दाखिल हुआ। लगभग 6 से 7 घंटे की इस सीधी उड़ान ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की नई मिसाल पेश की।


एयर इंडिया वन: भारत का अभेद्य किला

पीएम मोदी ने इस यात्रा के लिए 'एयर इंडिया वन' (Boeing 777-300ER) का उपयोग किया। यह केवल एक विमान नहीं, बल्कि भारत सरकार का एक विशेष 'फ्लाइंग कमांड सेंटर' है। विशेष कॉन्फ़िगरेशन के साथ आने वाले इस विमान में सुरक्षित संचार प्रणाली और अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इसमें मौजूद कमांड सेंटर के जरिए प्रधानमंत्री हवा में रहते हुए भी दुनिया के किसी भी कोने से संपर्क साध सकते हैं और देश की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर सकते हैं।