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प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को बताया परजीवी पार्टी, राजनीतिक समीकरण पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कांग्रेस को परजीवी पार्टी कहा, यह टिप्पणी उन्होंने दक्षिण भारत के दौरे के दौरान की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति और भाजपा के सहयोगी दलों की कमजोर स्थिति पर भी चर्चा की। मोदी का यह बयान उस समय आया जब तमिलनाडु में नई सरकार शपथ ले रही थी। जानें इस बयान के पीछे की राजनीति और कांग्रेस-भाजपा के बीच के संबंधों का विश्लेषण।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को बताया परजीवी पार्टी, राजनीतिक समीकरण पर चर्चा

कांग्रेस पर प्रधानमंत्री का तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कांग्रेस को परजीवी पार्टी करार दिया है। यह टिप्पणी उन्होंने दक्षिण भारत के दौरे के दौरान की, जब तमिलनाडु की नई सरकार शपथ ले रही थी। मंच पर मुख्यमंत्री विजय और राहुल गांधी भी उपस्थित थे। मोदी ने कहा कि कांग्रेस अब परजीवी बन चुकी है, जो एक हद तक सही भी है। हालांकि, कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने अपने दम पर सरकार बनाई है। इन राज्यों में उसने किसी सहयोगी पार्टी के साथ चुनाव नहीं लड़ा।


केरल में कांग्रेस ने एक गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी उसने 140 सदस्यीय विधानसभा में 63 सीटें अपने बलबूते पर जीती। इस प्रकार, कांग्रेस ने अपने दम पर बहुमत के करीब पहुंचने में सफलता हासिल की है। कुछ राज्यों में, जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश, कांग्रेस अन्य पार्टियों पर निर्भर है, लेकिन अधिकांश राज्यों में वह अकेले ही राजनीतिक गतिविधियों में संलग्न है।


वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का इतिहास भी कुछ ऐसा ही रहा है। भाजपा ने कई राज्यों में गठबंधन के माध्यम से अपनी सरकारें बनाई हैं। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में शिवसेना के सहयोग से, बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी के साथ, और तमिलनाडु में डीएमके के साथ।


कांग्रेस और भाजपा के बीच का अंतर भी स्पष्ट है। कांग्रेस के साथ जिन पार्टियों का संबंध रहा, वे आज भी मजबूत हैं, जबकि भाजपा के सहयोगी दलों की स्थिति कमजोर हो गई है। जीव विज्ञान में परजीवी उन जीवों को कहते हैं जो दूसरों का रक्त चूसकर जीवित रहते हैं। भाजपा के सहयोगी दलों की स्थिति भी इसी तरह की है।