प्रधानमंत्री मोदी ने नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का उद्घाटन किया
नई दिल्ली में हाई-स्पीड रेल लिंक का उद्घाटन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नेशनल कैपिटल रीजन में 82 किलोमीटर लंबे नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह हाई-स्पीड लिंक दिल्ली को मेरठ से केवल 55 मिनट में जोड़ने में सक्षम होगा, जिसमें ट्रेनें 160 किमी/घंटा की गति से चलेंगी।
आर्थिक और सामाजिक विकास में तेजी
यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक फैला हुआ है, और इससे NCR तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आर्थिक, सामाजिक और शहरी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित किया गया है और यह भारत का पहला नमो भारत कॉरिडोर है।
#WATCH | New Delhi | PM Narendra Modi to inaugurate the remaining sections of India’s first Namo Bharat Regional Rapid Transit System (RRTS). These include the 5 km section between Sarai Kale Khan and New Ashok Nagar in Delhi and the 21 km section between Meerut South and… pic.twitter.com/lsdvXtppqM
— News Media (@NewsMedia) February 22, 2026
अधिकारियों की टिप्पणियाँ
अधिकारियों का मानना है कि यह नई रेल लाइन यात्रा के समय को काफी कम कर देगी और दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।
NCRTC प्रवक्ता की जानकारी
NCRTC के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की नींव 8 मार्च, 2019 को रखी गई थी। महामारी के बावजूद, निर्माण कार्य लगातार जारी रहा और 20 अक्टूबर, 2023 को पहला 17 किमी का प्रायोरिटी सेक्शन खोला गया।
इसके बाद, नेटवर्क का विस्तार धीरे-धीरे किया गया। 6 मार्च 2024 को मोदीनगर नॉर्थ तक 17 किमी का एक्सटेंशन खोला गया, और 18 अगस्त 2024 को मेरठ साउथ तक एक्सटेंशन किया गया। 5 जनवरी 2025 को साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर तक 13 किमी का हिस्सा चालू हुआ।
उद्घाटन के लिए तैयार कॉरिडोर
22 फरवरी को न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक 5 किमी और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किमी के उद्घाटन के साथ पूरा 82.15 किमी का कॉरिडोर एक सिंगल कंटीन्यूअस लाइन के रूप में कार्य करेगा।
इसमें लगभग 70 किमी एलिवेटेड और 12 किमी अंडरग्राउंड है। इसमें दो मेंटेनेंस डिपो भी बनाए गए हैं। प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹30,274 करोड़ है, जिसे विभिन्न संस्थानों के सहयोग से वित्तपोषित किया गया है।
कॉरिडोर की सुविधाएँ
क्या - क्या है सुविधा?
इस कॉरिडोर पर 16 स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें ट्रेन के दरवाजों के साथ प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, 2×2 सीटिंग, प्रीमियम कोच, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, CCTV सर्विलांस, फायर सेफ्टी सिस्टम और सेलेक्टिव डोर-ओपनिंग टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
