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प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संघर्षों पर चिंता जताई, शांति की आवश्यकता पर जोर दिया

दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संघर्षों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सैन्य टकराव समस्याओं का समाधान नहीं है और केवल संवाद और कूटनीति से ही स्थायी शांति संभव है। पीएम मोदी ने भारत और यूरोप के बीच बढ़ते सहयोग की बात की और आशा जताई कि जल्द ही युद्धों का अंत होगा। यह बयान भारत की जिम्मेदार भूमिका को दर्शाता है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संघर्षों पर चिंता जताई, शांति की आवश्यकता पर जोर दिया

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी की बातें


दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वभर में चल रहे संघर्षों के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच के तनाव पर स्पष्ट रूप से कहा कि सैन्य टकराव किसी समस्या का समाधान नहीं है। पीएम ने यह भी कहा कि स्थायी शांति केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। भारत और फिनलैंड दोनों ही देशों में कानून के शासन और शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास है।


संवाद ही एकमात्र रास्ता

पीएम मोदी ने कहा, 'भारत और फिनलैंड दोनों देश संवाद और कूटनीति में गहरा विश्वास रखते हैं। हम मानते हैं कि सैन्य संघर्ष किसी विवाद का समाधान नहीं कर सकते। यह यूक्रेन या पश्चिम एशिया, दोनों पर लागू होता है। हम युद्धों के शीघ्र अंत की कामना करते हैं और स्थायी शांति के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे।'


वैश्विक अस्थिरता पर चिंता

प्रधानमंत्री ने वर्तमान वैश्विक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई स्थानों पर संघर्ष जारी है। इस अनिश्चितता के समय में, भारत और यूरोप जैसे प्रमुख कूटनीतिक शक्तियों के बीच सहयोग और मजबूत हो रहा है। यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता, विकास और समृद्धि को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।


भारत-यूरोप की सुनहरी साझेदारी

पीएम मोदी ने भारत और यूरोप के संबंधों को 'सुनहरे दौर' में प्रवेश करने वाला बताया। दोनों पक्ष मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून के शासन, शांति और सहयोग पर आधारित यह साझेदारी दुनिया को एक बेहतर भविष्य देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फिनलैंड के साथ बातचीत में यह संदेश स्पष्ट था।


शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत हमेशा शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। चाहे वह यूक्रेन हो या मध्य पूर्व, भारत हर जगह संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान का समर्थन करता है। पीएम ने आशा व्यक्त की कि जल्द ही इन युद्धों का अंत होगा और दुनिया में स्थिरता लौटेगी। यह बयान वैश्विक मंच पर भारत की जिम्मेदार भूमिका को दर्शाता है।