प्रयागराज माघ मेला विवाद: अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
प्रयागराज माघ मेला में सियासी विवाद
लखनऊ। प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मामले में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी अपनी आवाज उठाई है। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक्स पर लिखा कि यह स्थिति अत्यंत निंदनीय है!
ज्ञात हो कि ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रयागराज मेला प्राधिकरण के बीच विवाद में नया मोड़ आया है। मेला प्रशासन ने स्वामी को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वे शंकराचार्य हैं या नहीं। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद वे अपने नाम के आगे शंकराचार्य लिख रहे हैं, जो कि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।
घोर निंदनीय!
मांगनेवाले पहले ख़ुद अपना प्रमाणपत्र दें। विभाजनकारी भाजपाई और उनके संगी-साथियों की सोच इस हद तक गिर जाएगी, ये किसी ने नहीं सोचा था।
भाजपा सत्ता और धन के सिवा किसी की भी सगी नहीं है।
अहंकार तो दशमुखी का भी नहीं बचा था, इन एक मुखी का क्या बचेगा। pic.twitter.com/Ln7QgQaQEu
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 20, 2026
अखिलेश यादव ने इस मामले में कहा कि जो लोग प्रमाण मांग रहे हैं, उन्हें पहले खुद अपना प्रमाणपत्र देना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी सोच इतनी गिर गई है कि यह किसी ने नहीं सोचा था। भाजपा केवल सत्ता और धन के लिए काम कर रही है।
सरकार की भूमिका पर सवाल
माघ मेले में मानदेय न मिलने पर सफाई कर्मियों ने माघ मेले का काम ठप कर दिया है। कड़कड़ाती ठंड में दिन-रात काम करनेवाले सफ़ाईकर्मियों का बकाया तुरंत दिया जाए और मेले का प्रशासन-प्रबंधन सुचारू रूप से हो। अस्वच्छता के कारण अस्वास्थ्यकारी हालात पैदा हो सकते हैं।
सरकार कहाँ है? pic.twitter.com/lu7Dkwn5s7
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 20, 2026
अखिलेश यादव ने एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि माघ मेले में सफाई कर्मियों को मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्होंने काम ठप कर दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ठंड में काम कर रहे सफाई कर्मियों का बकाया तुरंत दिया जाए ताकि मेले का प्रशासन सुचारू रूप से चल सके। अस्वच्छता से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने पूछा कि सरकार कहां है?
