प्रयागराज में माघ मेले की धूम, सीएम योगी ने सुरक्षा और सुविधाओं पर दिया जोर
माघ मेले का शुभारंभ
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थल प्रयागराज में आस्था का सबसे बड़ा मेला 'माघ मेला' (Magh Mela 2026) शनिवार से आरंभ हो गया है। इस वर्ष के पहले बड़े धार्मिक आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शुक्रवार की रात, जब प्रदेश के लोग सो रहे थे, मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज के अधिकारियों के साथ बैठक की। उनका संदेश स्पष्ट था कि श्रद्धालुओं को यूपी में सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्था का अनुभव होना चाहिए। प्रशासन की किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की संख्या और स्वास्थ्य सेवाएं
माघ मेले का आगाज पौष पूर्णिमा के साथ हो रहा है। पहले दिन 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने की संभावना है। इस विशाल जनसमूह को देखते हुए, सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को 'हाई अलर्ट' पर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल, एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ हमेशा तैयार रहना चाहिए। घाटों पर स्वच्छता और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की विश्वस्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घाटों पर पर्याप्त गोताखोर तैनात रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके। नदी की गहराई वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नाविकों और होटल संचालकों पर निगरानी
मुख्यमंत्री को अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि बड़े आयोजनों के दौरान नाविक और होटल संचालक श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूलते हैं। इस बार योगी ने अधिकारियों को फील्ड में उतरने का आदेश दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी नाविक या होटल मालिक श्रद्धालुओं की मजबूरी का फायदा न उठाए। तीर्थ स्थलों पर नाव परिचालन और रहने की व्यवस्था का किराया निर्धारित होना चाहिए और जो भी अवैध वसूली करेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। योगी ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की छवि खराब करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
माघ मेले में महिलाओं की सुरक्षा को मुख्यमंत्री ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहें जो संदिग्ध और अराजक तत्वों की पहचान करें। किसी भी महिला श्रद्धालु को भय या असुविधा का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही, सीएम ने संगठनों के नाम पर गुंडागर्दी या दबाव बनाने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।
शीतलहर और यातायात व्यवस्था
भीषण शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों पर रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जाए और अलाव की पुख्ता व्यवस्था हो। सड़कों पर लगने वाले जाम को लेकर भी सीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अवैध टैक्सी स्टैंडों और वेंडरों को हटाकर निर्धारित जगहों पर शिफ्ट करने का आदेश दिया है ताकि यातायात सुचारु रहे। साथ ही, पीडब्ल्यूडी को हर जिले में स्थायी हेलीपैड के लिए जमीन चिह्नित करने को कहा गया है ताकि भविष्य में आपातकालीन स्थितियों में हवाई संपर्क सुगम हो सके।
