फरवरी में ज्वालामुखी योग: जानें कब और क्या न करें
ज्वालामुखी योग का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में ज्वालामुखी योग का विवरण
ज्योतिष में कई शुभ और अशुभ योगों का उल्लेख किया गया है। ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार, समय-समय पर विभिन्न योग बनते हैं। इनमें से कुछ योग शुभ माने जाते हैं, जबकि ज्वालामुखी योग को अशुभ माना जाता है। इस योग के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
फरवरी में ज्वालामुखी योग की तिथियाँ
इस वर्ष का पहला ज्वालामुखी योग फरवरी में बनने जा रहा है, और यह लगातार दो दिन तक रहेगा। यह योग कुल पांच तिथियों पर विशेष नक्षत्रों की उपस्थिति में बनता है। आइए जानते हैं कि फरवरी में यह योग कब-कब बनेगा।
पहला ज्वालामुखी योग
ज्वालामुखी योग प्रतिपदा तिथि पर मूल नक्षत्र, पंचमी तिथि पर भरणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि पर कृतिका नक्षत्र, नवमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र या दशमी तिथि पर अश्लेषा नक्षत्र पर बनता है। 24 फरवरी को अष्टमी तिथि सुबह 07:01 बजे से शुरू होगी। इस दिन ज्वालामुखी योग सुबह 07:01 बजे से दोपहर 03:07 बजे तक रहेगा।
दूसरा ज्वालामुखी योग
दूसरा ज्वालामुखी योग 25 फरवरी को सुबह 04:51 बजे से शुरू होगा और दोपहर 01:38 बजे तक रहेगा। यह योग नवमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से बनेगा।
ज्वालामुखी योग के दौरान क्या न करें
ज्वालामुखी योग के समय गृह प्रवेश, विवाह, सगाई, उपनयन संस्कार आदि नहीं करने चाहिए। यह समय नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी अशुभ होता है। इस दौरान संपत्ति की खरीदारी या नए मकान का निर्माण भी नहीं करना चाहिए।
