फारूक अब्दुल्ला की INDIA गठबंधन पर चिंता: चुनावों से आगे बढ़कर देश के भविष्य की बात करें
फारूक अब्दुल्ला का बयान
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि INDIA गठबंधन की नियमित बैठकें अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन केवल चुनावों के लिए नहीं है, बल्कि देश के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। अब्दुल्ला ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि इस पहलू को कई बार नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्री अमित शाह से मिलने वाले सांसदों को भरोसा दिया गया है कि चुनावों के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने पर चर्चा की जाएगी।
INDIA गठबंधन में असंतोष
फारूक अब्दुल्ला ने विपक्षी गठबंधन INDIA के प्रति अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका। जम्मू-कश्मीर से संबंधित मुद्दों पर एकजुटता की कमी को उन्होंने विवाद का मुख्य कारण बताया। अब्दुल्ला ने फिर से जोर दिया कि सांसदों को भरोसा दिया गया है कि चुनावों के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने पर ध्यान दिया जाएगा।
अब्दुल्ला की नाराजगी के कारण
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि गठबंधन उनके मुद्दों के लिए अधिक प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह बेहद निराशाजनक है कि कांग्रेस ने वह भूमिका नहीं निभाई, जिसकी उनसे अपेक्षा की गई थी। अब्दुल्ला ने गठबंधन से आग्रह किया कि वह केवल चुनावी समझौतों तक सीमित न रहे, बल्कि देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अधिक बैठकें आयोजित करे।
भाजपा के साथ गठबंधन से इनकार
फारूक अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ नहीं है और न ही कभी होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चुनावों के बाद INDIA गठबंधन फिर से एकजुट होगा और न केवल राष्ट्रीय मुद्दों, बल्कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे को भी मजबूती से उठाएगा।
युवाओं के लिए सलाह
पांच दशकों से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के युवा नेताओं को सलाह दी कि वे ईमानदारी से अपने कार्य करें और जनता को धोखा न दें। उन्होंने कहा कि जनता की समझदारी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
