बिहार में नई सरकार: डिप्टी सीएम के चयन पर उठे सवाल
बिहार में सत्ता का हस्तांतरण
बिहार में जनता दल यू से भाजपा को सत्ता का हस्तांतरण हो रहा है। प्रारंभिक चर्चा में यह बताया गया था कि भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा और जनता दल यू के नीतीश कुमार के बेटे निशांत को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। इसके लिए निशांत को जनता दल यू में शामिल किया गया। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के समय तक यह कहा जा रहा था कि 15 अप्रैल को निशांत शपथ लेंगे। लेकिन अंततः स्थिति बदल गई। यह बताया गया कि निशांत तैयार नहीं हैं और वे छह महीने तक बिहार में रहकर पार्टी संगठन के लिए काम करेंगे, उसके बाद ही सरकार में शामिल होंगे। इसके बाद चर्चा शुरू हुई कि यदि निशांत नहीं बनते हैं, तो किन दो व्यक्तियों को डिप्टी सीएम बनाया जाए। अंततः विजय चौधरी और विजेंद्र यादव के नाम पर सहमति बनी। इन दोनों नेताओं ने सम्राट चौधरी के साथ शपथ ली।
डिप्टी सीएम के चयन पर सवाल
यह सवाल उठता है कि नीतीश की पार्टी ने लव कुश समीकरण के तहत भूमिहार और यादव को डिप्टी सीएम क्यों बनाया? पारंपरिक रूप से भूमिहार भाजपा के और यादव राजद के समर्थक माने जाते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि विजय चौधरी और विजेंद्र यादव का नाम उनके नीतीश के प्रति समर्पण और निष्ठा के कारण चुना गया। इसके अलावा, भाजपा भी चाहती थी कि विजय सिन्हा के हटने के बाद एक अन्य भूमिहार नेता उप मुख्यमंत्री बने, ताकि निरंतरता बनी रहे। वहीं, विजेंद्र यादव की उम्र 80 वर्ष हो गई है और उन्होंने संन्यास की इच्छा जताई है। यदि भविष्य में निशांत को लाया जाता है, तो विजेंद्र यादव आसानी से सीट छोड़ देंगे। यदि किसी अन्य कुर्मी या दलित को डिप्टी सीएम बनाया जाता, तो एक नया पावर सेंटर बनता और सीट खाली कराना मुश्किल हो जाता।
