बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का विरोध, कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर विरोध
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं के चलते पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। जनता दल यू के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में प्रदर्शन किया। जैसे ही नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर आई, कार्यकर्ता सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। उनका कहना था कि नीतीश कुमार बिहार के नेता हैं और जनता ने उन्हें 2030 तक के लिए चुना है, इसलिए वे उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे।
गुस्साए कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
सीएम आवास के बाहर इकट्ठा हुए कार्यकर्ता इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे कई नेताओं की गाड़ियों को रोक दिया। भाजपा विधायक और राज्य सरकार के मंत्री सुरेंद्र मेहता की गाड़ी भी जदयू कार्यकर्ताओं ने रोक दी। इसके अलावा, जदयू के एमएलसी संजय गांधी और विधायक प्रेम मुखिया को भी कार्यकर्ताओं ने वापस भेज दिया। मंत्री मदन सहनी, जो मुख्यमंत्री से मिलने आए थे, उन्हें भी समय नहीं मिल पाया।
जदयू कार्यालय में तोड़फोड़
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने जदयू कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह सहित अन्य नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने के अवसर पर होने वाले भोज की व्यवस्था को भी कार्यकर्ताओं ने बर्बाद कर दिया। इसके बाद, पार्टी कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया। पटना के अलावा, नीतीश के गृह जिले नालंदा, बेगूसराय और अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं से संवाद
बाद में, जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि वे उनकी भावनाओं को नीतीश कुमार तक पहुंचाएंगे। हालांकि, कार्यकर्ता उनकी बातों से संतुष्ट नहीं हुए और फिर से हंगामा करने लगे। इस पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है।
