बिहार में बीजेपी-कांग्रेस के बीच हिंसक टकराव: क्या है असली वजह?

राजनीतिक तनाव के बीच दरभंगा में हिंसा
राष्ट्रीय समाचार: बिहार में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान दरभंगा में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणियाँ की गईं। इस पर बीजेपी का गुस्सा भड़क उठा, जिसके चलते पटना में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू हुआ। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नारेबाजी ने हिंसक रूप ले लिया। बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच अचानक पत्थरबाज़ी शुरू हो गई, जिससे कई लोग घायल हो गए और खून बहने लगा।
पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस का आरोप
जैसे ही हालात बिगड़े, पुलिस को पिस्तौल निकालनी पड़ी और भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता उनके सदाक़त आश्रम स्थित कार्यालय में घुस आए और तोड़फोड़ की। इससे कई गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस का बयान
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बिहार में गुंडा-राज अब बेकाबू हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह हमला सुनियोजित था और इसके पीछे राजनीतिक साज़िश है। कांग्रेस ने जनता से अपील की कि इस तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज़ उठाएं।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अपने नेताओं के बचाव में झूठ फैला रही है। उनका दावा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले हमला किया। बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा ने माहौल को भड़काया।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और बीजेपी समर्थकों को खुली छूट दी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
दरभंगा में अभद्र टिप्पणी का मामला
दरभंगा में कांग्रेस समर्थक रफ़ीक ने पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाकर पटना में प्रदर्शन किया, जो हिंसा में बदल गया। अब यह देखना है कि इस राजनीतिक झगड़े का आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ेगा।