बिहार में मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही भोज का सियासी महत्व
मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही भोज का आयोजन
बिहार में मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा का भोज राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने इस त्योहार के मौके पर चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया है। बुधवार को जनशक्ति जनता दल के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने दही-चूड़ा भोज में अपने पिता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव को आमंत्रित किया।
तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के घर जाकर अपने पिता लालू यादव, मां और भाई तेजस्वी यादव को इस भोज के लिए निमंत्रण दिया।
लालू यादव ने भोज में शामिल होकर मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पर्व सभी को मनाना चाहिए। उन्होंने तेज प्रताप यादव को आशीर्वाद भी दिया और किसी प्रकार की नाराजगी से इनकार किया।
तेज प्रताप के भोज में मामा साधु यादव भी शामिल हुए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार के सदस्यों को एकजुट होना चाहिए। इस भोज में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी उपस्थित रहे।
बिहार में कुछ लोग बुधवार को मकर संक्रांति मना रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसे गुरुवार को मनाएंगे। राजनीतिक गलियारे में चूड़ा-दही भोज पर सभी की नजरें हैं। इस बार तेज प्रताप यादव का भोज चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसमें उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी नेताओं को आमंत्रित किया है।
बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय और जदयू के पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इसके अलावा, 15 जनवरी को लोक जनशक्ति (रामविलास) पार्टी द्वारा भी चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी मंगलवार को भोज का आयोजन किया था.
