बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज
राज्यसभा चुनाव की तैयारी
बिहार की राजनीतिक स्थिति में राज्यसभा चुनाव को लेकर गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाने का निर्णय प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। इस संदर्भ में, गुरुवार को नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य चार उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
केंद्रीय गृहमंत्री की उपस्थिति
इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी उपस्थित थे। बिहार एनडीए के सभी उम्मीदवार, जिनमें नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार राम और उपेंद्र कुशवाहा शामिल थे, विधानसभा परिसर में जाकर नामांकन का पर्चा भरे।
नीतीश कुमार का सोशल मीडिया पोस्ट
नीतीश कुमार ने पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ पटना में शिष्टाचार मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से लोगों ने उनका विश्वास और समर्थन बनाए रखा है, जिसके बल पर बिहार विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
राज्यसभा सदस्य बनने की इच्छा
उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनें। इस बार के चुनाव में वे राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं।
निर्वाचन आयोग की घोषणा
भारत निर्वाचन आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों में 37 रिक्त सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनावों की तिथि घोषित की थी। ये सीटें वर्तमान सदस्यों के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही हैं, जो अप्रैल 2026 में समाप्त होगा। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे की जाएगी।
नीतीश कुमार और अमित शाह की बैठक
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई अन्य नेता भी शामिल हुए। बताया गया कि इस बैठक में राज्यसभा चुनाव और बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई।
