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बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन को मिल सकता है बहुमत, ठाकरे परिवार का 25 साल का शासन समाप्त होने की संभावना

बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन को बहुमत मिलने की संभावना है, जिससे ठाकरे परिवार का 25 साल का शासन समाप्त हो सकता है। एक्जिट पोल के अनुसार, महायुति को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है। मतदान में लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी हुई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव सर्वोच्च अदालत के आदेश पर हो रहे हैं, क्योंकि पिछले चुनाव चार साल से रुके हुए थे।
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बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन को मिल सकता है बहुमत, ठाकरे परिवार का 25 साल का शासन समाप्त होने की संभावना

बीएमसी चुनाव के नतीजों का अनुमान

मुंबई। विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद, अब बृहन्नमुंबई महानगर निगम (बीएमसी) में भी भाजपा गठबंधन की बड़ी जीत की संभावना जताई जा रही है। 227 सदस्यों वाली बीएमसी में चुनाव के बाद आए एक्जिट पोल के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान है। दो एक्जिट पोल में महायुति को 138 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एक अन्य पोल में यह संख्या 150 तक पहुंचने की संभावना है। बहुमत के लिए आवश्यक सीटों की संख्या 114 है। यदि परिणाम इसी दिशा में आते हैं, तो 25 वर्षों के बाद बीएमसी पर ठाकरे परिवार का नियंत्रण समाप्त हो जाएगा।


भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिव सेना को 40 से 44 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिव सेना और राज ठाकरे की मनसे गठबंधन को लगभग 60 सीटें और 30 से 33 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। कांग्रेस गठबंधन को 23 सीटें मिलने की संभावना है, जिसमें कांग्रेस के साथ प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी और शरद पवार की एनसीपी शामिल हैं। मुंबई के अलावा 28 अन्य शहरों में भी नगर निगम के चुनाव हुए हैं। नतीजे शुक्रवार, 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि बीएमसी एशिया का सबसे अमीर नगर निगम है, जिसका बजट 74 हजार करोड़ रुपये है।


इससे पहले, गुरुवार, 15 जनवरी को सभी 29 शहरी निकायों के लिए मतदान हुआ। चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, बीएमसी में लगभग 50 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य के चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने मतदान के बाद बताया कि सभी नगर निगमों में शाम साढ़े पांच बजे वोटिंग समाप्त हुई। उन्होंने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत मतदान का अनुमान है, हालांकि अंतिम आंकड़े बाद में जारी किए जाएंगे।


यह ध्यान देने योग्य है कि नगर निगम चुनाव हर पांच साल में होते हैं, लेकिन बीएमसी का पिछला चुनाव चार साल से रुका हुआ था। अंतिम बार बीएमसी का चुनाव 2017 में हुआ था। अगला चुनाव 2022 में होना था, लेकिन उस समय चुनाव प्रक्रिया और वार्ड सीमाओं में बदलाव चल रहे थे। इन बदलावों के कारण पुरानी सीटों पर चुनाव कराना संभव नहीं था, इसलिए चुनाव टाल दिए गए। हालांकि, सीटों की संख्या बढ़ाने या सीमाओं में बदलाव के प्रस्ताव पास नहीं हुए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर ये चुनाव आयोजित किए गए हैं।