ब्रिक्स देशों में ट्रंप की विदेश नीति का असर: ईरान के साथ तनाव बढ़ा
ब्रिक्स देशों पर ट्रंप का प्रभाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी विदेश नीति और ईरान के प्रति उनकी चेतावनियों का प्रभाव अब ब्रिक्स देशों के निर्णयों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ईरान में चल रहे बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच, ट्रंप ने उन देशों को गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है जो तेहरान के साथ व्यापार या सहयोग करते हैं। इस 'ट्रंप प्रभाव' ने ब्रिक्स देशों के बीच एक नई कूटनीतिक दरार उत्पन्न कर दी है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए दक्षिण अफ्रीका ने चुपचाप ईरान से संपर्क किया।
दक्षिण अफ्रीका की ईरान से अपील
दक्षिण अफ्रीका ने ईरान से अनुरोध किया कि वह ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास 'विल फॉर पीस' में अपनी भागीदारी को कम करे या पूरी तरह से वापस ले। हालांकि, ईरान ने इस दबाव को मानने से इनकार कर दिया है और अपने युद्धपोत को इस अभ्यास के लिए भेजा है।
नौसैनिक अभ्यास की पृष्ठभूमि
चीन द्वारा आयोजित 'विल फॉर पीस' अभ्यास, ब्रिक्स का पहला बहुपक्षीय अभ्यास है, जिसे पश्चिमी देशों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। ईरान की भागीदारी ने तनाव को और बढ़ा दिया है, जबकि भारत ने इस अभ्यास से बाहर रहने का निर्णय लिया है।
ईरान का सैन्य अभ्यास में भाग लेना
पिछले हफ्ते, ईरान ने सैन्य अभ्यास के लिए तीन युद्धपोत भेजे, जिसमें एक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का था। ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को ट्रंप की टैरिफ धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
दक्षिण अफ्रीका की दुविधा
दक्षिण अफ्रीका की ये चुपचाप की गई हरकतें उसकी मुश्किल स्थिति को दर्शाती हैं, जिसमें उसे ब्रिक्स की प्रतिबद्धताओं का पालन करना है और ट्रंप को नाराज़ नहीं करना है।
अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता
ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका पर 30% टैरिफ लगाया है, जिससे यह देश अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की बातचीत में फंसा हुआ है।
BRICS के बीच एकजुटता की सीमाएं
यह स्थिति अमेरिका के आर्थिक दबाव के सामने BRICS भागीदारों के बीच एकजुटता की सीमाओं को उजागर करती है। ट्रंप ने इस समूह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उन पर 'अमेरिका विरोधी' नीतियों का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पर ईरान की भागीदारी
"Will for Peace 2026" Joint Maritime Exercise is LIVE! #BRICS partners (#China, #Russia, #SouthAfrica, etc) are launching the exercise off Port of Simon's Town in Cape Town, South Africa.
— China Military Bugle (@ChinaMilBugle) January 12, 2026
China's deployment: Destroyer Tangshan (Hull 122), supply ship Taihu (Hull 889), helo &… pic.twitter.com/FCqUzBvgYA
