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ब्रुसेल्स में एस जयशंकर की यात्रा: भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर चर्चा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष काजा कल्लास के निमंत्रण पर यात्रा की। इस दौरान उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों, पश्चिम एशिया की स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की। जयशंकर ने मुक्त व्यापार समझौते और व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महत्व पर भी प्रकाश डाला। जानें इस यात्रा के प्रमुख बिंदु और वैश्विक चुनौतियों पर विचार।
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ब्रुसेल्स में एस जयशंकर की यात्रा: भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर चर्चा

विदेश मंत्री की ब्रुसेल्स यात्रा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को जानकारी दी कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष काजा कल्लास के निमंत्रण पर ब्रुसेल्स का दौरा किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में भाग लिया, जिसमें नेताओं ने संकट के समाधान के लिए संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।


जयशंकर ने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ की विदेश परिषद की बैठक में भाग लिया, जहां भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही, उन्होंने वैश्विक चुनौतियों, विशेषकर पश्चिम एशिया की स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभावों पर भी विचार-विमर्श किया। मंत्रियों ने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया।


जयशंकर का फलदायी दौरा

जयशंकर ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनका ब्रुसेल्स दौरा सफल रहा। उन्होंने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद, यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने मानवाधिकार उपाध्यक्ष काजा कल्लास के साथ भी बातचीत की।


जयशंकर ने बताया कि उन्होंने दस महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की, जिनमें भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देना शामिल है। यह समझौता न केवल आर्थिक संभावनाओं के द्वार खोलेगा, बल्कि दोनों देशों के संबंधों की रणनीतिक प्रकृति को भी स्पष्ट करेगा।


व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद का महत्व

जयशंकर ने कहा कि व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) को उन्नत और पुनर्गठित किया जा सकता है, जिससे महत्वपूर्ण और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखलाओं के जोखिम को कम करने और लचीलापन बढ़ाने के साझा लक्ष्यों पर भी चर्चा की। एफटीए इस दिशा में गहन व्यावसायिक संबंधों को प्रोत्साहित करेगा।