भाजपा का चुनावी अभियान तेज, कांग्रेस की तैयारी में कमी
भाजपा की सक्रियता और कांग्रेस की निष्क्रियता
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। पुडुचेरी की 25 विधानसभा सीटों से लेकर पश्चिम बंगाल की 294 सीटों तक भाजपा के नेता सक्रिय रूप से दौरे कर रहे हैं। प्रभारियों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच, कांग्रेस का कहीं भी प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। केवल केरल और असम में कांग्रेस को अपने बलबूते चुनाव लड़ना है, लेकिन वहां भी केंद्रीय नेतृत्व की ओर से कोई ठोस तैयारी का संकेत नहीं मिल रहा है। असम में गौरव गोगोई और केरल में स्थानीय नेता अपनी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन केरल में कांग्रेस के कई बड़े नेता और उनके गुट आपस में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की जिम्मेदारी बनती है कि वे वहां जाकर गुटबाजी को समाप्त करें और चुनावी तैयारियों में जुटें। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल गांधी ने आखिरी बार कब केरल का दौरा किया था। हाल ही में वे जर्मनी से लौटे हैं और अब वियतनाम की यात्रा पर हैं।
भाजपा की चुनावी रणनीति
यदि हम भाजपा नेताओं की चुनावी यात्राओं की तुलना कांग्रेस नेताओं से करें, तो स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया और इसके बाद असम में दो दिन बिताए। इसके तुरंत बाद, अमित शाह ने असम का दौरा किया और कोलकाता में तीन दिन बिताए। वहां उन्होंने पार्टी के प्रदेश नेताओं के साथ बैठक की और चुनावी तैयारियों पर चर्चा की। दिलीप घोष, जो पिछले कुछ समय से नाराज थे, को अमित शाह ने बुलाया और उनसे विचार-विमर्श किया। उन्हें चुनावी रैलियों और अभियानों की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके विपरीत, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की, जिससे भाजपा को यह संदेश देने में मदद मिली कि कांग्रेस का प्रमुख नेता उनके साथ है।
कांग्रेस की चुनौतियाँ
अमित शाह अब तमिलनाडु की यात्रा पर जाने वाले हैं, जो हाल के दिनों में उनकी दूसरी यात्रा है। इससे पहले, भाजपा के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी पहली यात्रा पुडुचेरी से की थी। हाल ही में तिरूवनंतपुरम में भाजपा ने पहली बार मेयर जीता, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के लोगों को धन्यवाद दिया और भाजपा को समर्थन देने की अपील की। यह स्पष्ट है कि भाजपा चुनावी तैयारियों में पूरी तरह से जुटी हुई है, जबकि कांग्रेस की ओर से कोई ठोस तैयारी नहीं हो रही है। कांग्रेस के नेता मान चुके हैं कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन को चुनाव लड़ना है। हालांकि, तमिलनाडु में कांग्रेस के नेता जिस तरह से बयानबाजी कर रहे हैं, उससे यह प्रतीत होता है कि वे स्टालिन की स्थिति को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले कई महीनों से राहुल गांधी की चुनावी राज्यों में कोई यात्रा नहीं हुई है, जबकि वे विपक्ष में हैं।
