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भाजपा ने राज्यसभा चुनावों के लिए 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपने नौ उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस सूची में बिहार से नितिन नवीन, असम से तेरश गोवाला, और अन्य राज्यों के उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च को शुरू होगी, जिसमें मतदान और मतगणना का कार्यक्रम निर्धारित है। जानें पूरी जानकारी इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में।
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भाजपा ने राज्यसभा चुनावों के लिए 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की

राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए भाजपा की तैयारी

नई दिल्ली - भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत नौ उम्मीदवारों की सूची का ऐलान किया है।


इस सूची में बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार, असम से तेरश गोवाला और जोगेन मोहन, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, हरियाणा से संजय भाटिया, ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, तथा पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा के नाम शामिल हैं। इससे पहले, 18 फरवरी को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 10 राज्यों में 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। मतदान 16 मार्च को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा, और मतगणना उसी दिन शाम 5:00 बजे की जाएगी।


इन 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होगा। आगामी रिक्तियों के मद्देनजर, आयोग ने चुनावी प्रक्रिया के लिए विस्तृत समय सारणी तैयार की है। चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की जाएगी, और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को की जाएगी।


उम्मीदवारों को 9 मार्च तक अपने नामांकन वापस लेने का विकल्प दिया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतपत्रों पर वरीयताएं अंकित करने के लिए केवल पूर्व-निर्धारित बैंगनी रंग के पेन का उपयोग किया जाएगा, जो रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी अन्य लेखन उपकरण की अनुमति नहीं होगी। चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाएगा।


जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, वे महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करते हैं। आयोग ने चुनाव संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि राज्यसभा चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी।