भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक
भारत के विदेश सचिव की अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। यह बैठक तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान हुई और इसे सकारात्मक तथा उत्पादक माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और रणनीतिक संबंधों पर गहन चर्चा की। मार्को रुबियो अगले महीने भारत आने वाले हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस बैठक में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी भाग लिया और उन्होंने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, "व्हाइट हाउस में विक्रम मिस्री का स्वागत है! मार्को रुबियो के साथ एक सफल बैठक हुई, जिसमें व्यापार, रक्षा और क्वाड जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।"
द्विपक्षीय प्राथमिकताओं पर चर्चा
भारतीय दूतावास के अनुसार, मिस्री और लैंडौ ने द्विपक्षीय प्राथमिकताओं पर चर्चा की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर अपने विचार साझा किए। हूकर ने बताया कि उन्होंने और मिसरी ने यह भी चर्चा की कि भारत और अमेरिका रक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में और निकटता से कैसे सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों के नागरिकों को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए व्यावहारिक उपायों की तलाश कर रहे हैं, जिसमें क्वाड के माध्यम से किए जा रहे प्रयास भी शामिल हैं। अमेरिका में भारत के दूतावास ने बताया कि हूकर और मिसरी ने पिछले साल दिसंबर में हुई विदेश कार्यालय परामर्श वार्ता के बाद से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा की।
आतंकवाद और संगठित अपराध पर चर्चा
मिस्री ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल से भी मुलाकात की। इस बैठक में आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों से निपटने में सहयोग पर चर्चा की गई। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज एफबीआई के निदेशक काश पटेल से मुलाकात की। दोनों के बीच आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों से निपटने में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।"
