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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में नई हलचल

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में नई हलचल देखने को मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों का सामना करते हुए उन्हें झुकने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिका के नए राजदूत ने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है। इस बातचीत में व्यापार, खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। जानें इस वार्ता के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में नई हलचल

भारत का फोन कॉल अमेरिका में हलचल का कारण

भारत के एक फोन कॉल ने अमेरिका और पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों का सामना करते हुए उन्हें झुकने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिका की स्थिति अब कमजोर हो चुकी है। ट्रंप ने भारत को धमकी दी थी, लेकिन भारत ने शांति से जवाब देते हुए अमेरिका को अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। ट्रंप की धमकियों का भारत ने कोई असर नहीं लिया और यह दर्शाया कि वह अपनी रणनीति के अनुसार ही आगे बढ़ेगा। इससे ट्रंप को यह समझ में आया कि केवल पाकिस्तान ही उनके लिए महत्वपूर्ण है।


अमेरिका की नई पहल और बातचीत

ट्रंप ने व्यापार समझौते को लेकर अपने विदेश मंत्री को आगे किया है। अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गौर ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो और डॉ. एस जयशंकर के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है। दोनों मंत्रियों ने संपर्क में रहने पर सहमति जताई है। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर संवाद स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारत सरकार ने ट्रंप के दौरे की तैयारी भी शुरू कर दी है।


बातचीत के मुख्य मुद्दे

रूबियो ने कहा कि उन्होंने जयशंकर के साथ व्यापार, खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई है। अमेरिका की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि रूबियो और जयशंकर ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में अपनी रुचि पर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।