भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव: छात्रों के लिए चेतावनी
भारत और अमेरिका के संबंधों में कमी
नई दिल्ली: हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में पहले जैसी गर्मजोशी नहीं देखी गई है। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ निर्णयों और बयानों ने इस दूरी को और बढ़ा दिया है। इस बीच, अमेरिका ने वहां अध्ययन कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है।
अमेरिकी दूतावास की चेतावनी
भारत में अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका में रहने वाले विदेशी छात्रों को वहां के कानूनों का पूरी तरह पालन करना आवश्यक है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी देते हुए लिखा कि यदि कोई छात्र अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करता है या किसी आपराधिक मामले में पकड़ा जाता है, तो उसका स्टूडेंट वीजा रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसे छात्रों को अमेरिका से बाहर भी भेजा जा सकता है और भविष्य में उन्हें अमेरिकी वीजा प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
वीजा एक अधिकार नहीं
दूतावास ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक सुविधा है। यदि कोई इस सुविधा का गलत उपयोग करता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमों का पालन करें और अपनी पढ़ाई और भविष्य को खतरे में न डालें।
कानून तोड़ने पर सजा
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी दूतावास ने इस तरह की चेतावनी दी है। पहले भी वह सोशल मीडिया के माध्यम से अवैध इमिग्रेशन और वीजा नियमों के संबंध में सख्त संदेश देता रहा है। हाल ही में भारत से अमेरिका जाने वाले अवैध प्रवासियों के लिए भी एक कड़ी चेतावनी जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने पर गंभीर आपराधिक सजा हो सकती है।
17 प्रतिशत की गिरावट
दूतावास ने यह भी बताया कि ट्रंप प्रशासन गैर-कानूनी इमिग्रेशन को रोकने और अमेरिका की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी नीति के तहत वीजा नियमों को और सख्त किया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि पिछले वर्ष अमेरिका में पढ़ाई के लिए नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आई है।
काम से जुड़े वीजा पर सख्ती
केवल स्टूडेंट वीजा ही नहीं, बल्कि काम से संबंधित वीजा पर भी सख्ती बढ़ी है। H-1B वीजा, जो विदेशी कुशल कर्मचारियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है, उसके आवेदकों को अब पहले से कहीं अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। लंबी प्रक्रिया और अनिश्चितता के कारण कई लोग परेशान हैं।
नई इमिग्रेशन नीति का प्रभाव
अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीति का सीधा असर भारतीय छात्रों और पेशेवरों पर पड़ रहा है। ऐसे माहौल में छात्रों के लिए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि वे नियमों की पूरी जानकारी रखें और किसी भी प्रकार की गलती से बचें, ताकि उनका करियर और भविष्य सुरक्षित रह सके.
