भारत और इजराइल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा
भारत-इजराइल संबंधों में नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को द्विपक्षीय संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का ऐलान किया, जो दोनों देशों के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है.
उच्च स्तरीय वार्ता का परिणाम
यह घोषणा यरूशलम में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में की गई. मोदी, जो नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, ने कहा कि इन चर्चाओं का उद्देश्य साझेदारी को नई दिशा और गति देना था.
लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित संबंध
मोदी ने पत्रकारों से कहा कि हमारे संबंध गहरे विश्वास और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं. उन्होंने कहा कि आज हमने इस सिद्ध साझेदारी को विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो दोनों देशों की दूरदृष्टि को दर्शाता है.
महत्वपूर्ण समझौतों की जानकारी
डिजिटल फाइनेंस: इजराइल में भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) को लागू करने के लिए एक समझौते पर सहमति बनी.
आर्थिक नीति: मोदी ने बताया कि दोनों देश जल्द ही पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे.
फ्यूचर टेक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक साझेदारी स्थापित की गई.
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा: नेताओं ने नागरिक परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के विकास में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई.
सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संयुक्त रुख अपनाया. मोदी ने कहा कि भारत और इजराइल मानते हैं कि आतंकवाद के लिए दुनिया में कोई स्थान नहीं है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता. हम आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे.
नेतन्याहू ने दोनों नेताओं के विचारों में समानता की सराहना करते हुए कहा कि भारत में जल्द ही एक सरकार से सरकार (G2G) बैठक आयोजित की जाएगी, और उन्होंने दोनों देशों की प्रतिभाओं को एक साथ लाने की संभावनाओं पर जोर दिया.
