भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने इटली में भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। इस साझेदारी में व्यापार, तकनीकी और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा और आत्मविश्वास मिला है। भारत-इटली जॉइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025 से 2029 तक की योजना के तहत, द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन यूरो तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लेख में जानें कि कैसे दोनों देश मिलकर वैश्विक स्तर पर अपनी ताकतों को जोड़ने की योजना बना रहे हैं।
| May 20, 2026, 20:00 IST
पीएम मोदी का इटली दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने इटली में अपने भाषण में रोम को 'इटरनल सिटी' के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि भारत में उनकी लोकसभा क्षेत्र काशी को भी एक शाश्वत नगर माना जाता है। जब दो सभ्यताएं मिलती हैं, तो संवाद केवल एजेंडा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें इतिहास, भविष्य की दृष्टि और मित्रता की सहजता शामिल होती है। पिछले तीन वर्षों में, उन्हें कई बार इटली के प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का अवसर मिला, जो भारत और इटली के बीच सहयोग को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में, दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि आज हम अपने संबंधों को अपग्रेड करते हुए विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा कर रहे हैं। इस बैठक में, हमने भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने के लिए विस्तृत चर्चा की।
भारत-इटली जॉइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान
भारत-इटली जॉइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025 से 2029 तक हमारी साझेदारी को एक व्यावहारिक और भविष्यवादी ढांचा प्रदान करता है। हम इस पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं, और द्विपक्षीय व्यापार के 20 बिलियन यूरो के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत में 800 से अधिक इटालियन कंपनियां भारत की विकास कहानी में सक्रिय भागीदार बन रही हैं। आज के बिजनेस फोरम से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं में नया उत्साह और आत्मविश्वास है। इटली को विश्व में डिजाइन और प्रिसीजन के लिए जाना जाता है, जबकि भारत की पहचान स्केल, टैलेंट और किफायती नवाचार के लिए है। इसलिए हम 'डिजाइन और डेवलप इन इंडिया एंड इटली एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड' के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे। फैशन, फिनटेक, लेदर, लॉजिस्टिक्स, मोबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में हम अपनी ताकतों को जोड़कर मानवता की भलाई के लिए काम करेंगे।
तकनीकी और रक्षा सहयोग
इंडिया-ईयूएफटीए के समापन में इटली से मिले सहयोग के लिए पीएम मेलोनी का आभार व्यक्त करते हुए, मोदी ने कहा कि हम इसके जल्द कार्यान्वयन के लिए मिलकर काम करेंगे ताकि व्यापारिक समुदाय इसका पूरा लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि तकनीकी और नवाचार हमारी साझेदारी का मुख्य आधार हैं। एआई, क्वांटम, स्पेस और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। दोनों देशों के स्टार्टअप्स, रिसर्च सेंटर्स और उद्योगों को जोड़ने के लिए हम इंडिया-इटली इनोवेशन सेंटर पर काम कर रहे हैं। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग हमारे गहरे विश्वास का प्रतीक है। हमारी सेनाओं और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ रहा है, और हमारे डिफेंस इंडस्ट्रियल रोड मैप से को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारत और इटली के बीच कनेक्टिविटी के क्षेत्र में करीबी सहयोग स्वाभाविक है, और हम मिलकर शिपिंग, पोर्ट्स, मॉडर्नाइजेशन, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनमी पर काम करेंगे। हमने अपनी साझेदारी को तीसरे देशों तक ले जाने पर भी चर्चा की।
