भारत और चीन में मौसम का विपरीत प्रभाव: गर्मी और बाढ़ की कहानी
भारत में गर्मी और चीन में बाढ़
इस अप्रैल में भारत में जून जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों की स्थिति गंभीर हो गई है। जबकि भारत में लू चल रही है, पड़ोसी देश चीन में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
चीन के ग्वांग्शी प्रांत के क्विनझाउ शहर में लगातार बारिश ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के बीच एशिया में हो रही इन दो विपरीत घटनाओं को लेकर चिंता का माहौल है।
भारत और चीन के मौसम में अंतर के कारण
भारत के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। भारतीय मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए हीटवेव की चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में यह 40 से 45 डिग्री के बीच है। दूसरी ओर, चीन के क्विनझाउ में 27 अप्रैल को भारी बारिश ने तबाही मचाई।
जानकारी के अनुसार, 8 घंटे में 273 मिलीमीटर बारिश हुई, जो अप्रैल के लिए एक रिकॉर्ड है। बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे सड़कें नदियों जैसी दिखने लगीं और यातायात ठप हो गया।
Heavy rain in China’s southern city of Qinzhou has caused severe flooding, submerging streets and trapping cars.#ChinaFloods#QinzhouFloods#ExtremeWeather#ClimateCrisis#FloodAlert pic.twitter.com/hlgETVOVWC
— Abbas Malik (@AbbasMalik95703) April 28, 2026
एक ही महाद्वीप पर भिन्न मौसम की स्थिति
सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, पानी निकालने के लिए विशेष टीमों की सहायता ली गई है। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है। एक ही महाद्वीप पर दो अलग-अलग मौसम की स्थितियों के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। एशिया का विशाल महाद्वीप भौगोलिक दृष्टि से विविध है। भारत मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में आता है, जहां गर्मी तेजी से बढ़ती है। वहीं, चीन का दक्षिणी भाग समुद्री नमी से प्रभावित होता है।
भारत में बढ़ती गर्मी के पीछे उच्च दबाव प्रणाली जिम्मेदार है, जबकि चीन में बारिश के लिए वातावरण में बढ़ती नमी को कारण बताया गया है। अल-नीनो जैसी घटनाएं भी मौसम के पैटर्न को प्रभावित करती हैं, जिससे कहीं सूखा और कहीं बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। मौसम के बदलते पैटर्न से निपटने के लिए हमें मजबूत तैयारी करनी होगी।
