भारत और रूस के बीच Sukhoi SU 57 M1 डील पर नई जानकारी
भारत और रूस के बीच Sukhoi SU 57 M1 डील की बातचीत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत 100 से अधिक फाइटर जेट्स खरीदने की योजना बना रहा है। नए वेरिएंट में कई तकनीकी सुधार होंगे, जैसे नया इंजन और बेहतर सेंसर। भारत की रणनीति के अनुसार, ऑर्डर को चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। इस डील के राजनीतिक प्रभाव भी हो सकते हैं, खासकर अमेरिका की प्रतिक्रिया को लेकर। क्या यह डील भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगी? जानें पूरी जानकारी में।
| Apr 23, 2026, 13:59 IST
भारत और रूस के बीच Sukhoi SU 57 M1 डील की चर्चा
भारत और रूस के बीच Sukhoi SU 57 के एडवांस वेरिएंट M1 की डील पर बातचीत चल रही है। डिफेंस पोर्टल मिलिट्री वॉच मैगज़ीन के अनुसार, यह बातचीत अब एक उन्नत चरण में पहुँच चुकी है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत लगभग 100 एसयू 57 विमानों की खरीद पर विचार कर रहा है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। भारत ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। नए फाइटर जेट्स की तत्काल आवश्यकता है, जबकि भारत खुद का स्टील्थ फाइटर भी विकसित कर रहा है, लेकिन इसे ऑपरेशनल होने में समय लगेगा, इसलिए एक तात्कालिक समाधान की आवश्यकता है। मौजूदा एसयू 57 को पूरी तरह से लो ऑब्जर्वेबल नहीं माना जाता है, और इसके इंजन तथा डिज़ाइन पर कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं, जिससे M1 वेरिएंट की चर्चा महत्वपूर्ण हो जाती है।
SU 57 M1 में संभावित बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, SU 57 M1 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा सकते हैं। इसमें एक नया इंजन AL51F1 लगाया जाएगा, जो अधिक शक्तिशाली, कॉम्पैक्ट और बेहतर स्टील्थ सिग्नेचर के साथ होगा। इसके अलावा, इसमें एडवांस एवन, बेहतर सेंसर, डाटा फ्यूज़ और नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर की क्षमताएँ शामिल होंगी। इसके अलावा, बेहतर एरोडायनामिक्स और कम रडार सिग्नेचर के साथ M1 वेरिएंट को अधिक स्टील्थ ऑप्टिमाइज्ड बनाया जा सकता है। भारत की रणनीति के अनुसार, पूरा ऑर्डर एक साथ नहीं दिया जाएगा, बल्कि डिफर्ड ऑर्डर के तहत पहले 30 से 40 एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया जाएगा, फिर अगले बैच और अपग्रेडेड वर्जन का। इससे तुरंत कमी को पूरा किया जा सकेगा.
भारत की भविष्य की रणनीति
भविष्य में बेहतर तकनीक मिलने की संभावना है, जिससे भारत कम जोखिम उठाएगा। यदि तब तक HLM तैयार हो जाता है, तो भारत अपने घरेलू फाइटर जेट पर शिफ्ट हो सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या SU 57 M1, F22 रैप्टर से बेहतर होगा। F22 अभी भी दुनिया के सबसे उन्नत 12 फाइटर जेट्स में से एक है, लेकिन SU 57 की मल्टी-रोल क्षमता इसकी विशेषता है। स्टेल्थ सेंसर, पायलट ट्रेनिंग और मिशन प्रोफाइल पर यह निर्भर करता है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि Sukhoi 57, M1, F22 से बेहतर होगा।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यदि भारत रूस से इतनी बड़ी डील करता है, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया क्या हो सकती है? अमेरिका के नेता, जैसे डोनाल्ड ट्रंप, रूसी हथियारों के खिलाफ सख्त रुख अपना सकते हैं। इसी कारण से ऐसी डील्स अक्सर लो प्रोफाइल रखी जाती हैं। संभावना है कि किसी बड़े इवेंट, जैसे कि ब्रिक्स समिट में, इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
