भारत का चेनाब नदी प्रोजेक्ट: पाकिस्तान को मिलेगा बड़ा झटका
भारत का नया जल प्रोजेक्ट
पाकिस्तान को एक और गंभीर झटका लगने वाला है। भारत चेनाब नदी का पानी ब्यास नदी में मोड़ने की योजना बना रहा है। सिंधु जल समझौते के तहत, भारत लाहौल स्पीति में एक विशाल जल डायवर्जन टनल का निर्माण करने जा रहा है। चेनाब नदी से संबंधित दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। भारत ने चेनाब नदी प्रोजेक्ट्स पर काम को तेज कर दिया है, जिसकी कुल लागत लगभग 600 करोड़ रुपये है। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो पाकिस्तान को एक और बड़ा नुकसान होगा। इससे पाकिस्तान को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि भारत ने चेनाब नदी प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है। पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी गई थी कि या तो आतंकवाद का सहारा छोड़ें या फिर भारत का सहयोग नहीं मिलेगा। इस प्रकार, भारत अब अपने रुख को स्पष्ट करता हुआ नजर आ रहा है।
पाकिस्तान की स्थिति पर प्रभाव
भारत ने इस संदर्भ में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चुनाव प्रोजेक्ट के कारण पाकिस्तान की स्थिति और भी खराब हो सकती है। पानी का डायवर्जन जो पाकिस्तान की ओर जाता था, अब उसका मार्ग बदल दिया जाएगा। इससे पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लग सकता है। सिंधु जल समझौते को होल्ड करने के लिए भारत की यह तैयारी स्पष्ट है। चेनाब-ब्यास लिंक प्रोजेक्ट की लागत 2600 करोड़ रुपये है और यह लगभग 8.7 किलोमीटर लंबी टनल होगी। चेनाब का पानी अब ब्यास में जाएगा, जिससे पानी का मार्ग पूरी तरह से बदल जाएगा। लाहौल में 19 मीटर ऊंचा बैराज बनाने की योजना है, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी। यह प्रोजेक्ट बड़े इंटर बेसिन रिवर लिंकिंग अभियान का हिस्सा है।
भारत का स्पष्ट संदेश
भारत ने अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया था कि जम्मू-कश्मीर से पंजाब तक का पानी पाकिस्तान की ओर जाएगा, ताकि वहां की बंजर भूमि को लाभ मिल सके। लेकिन जब पहलगाम अटैक हुआ, तब भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि एक देश हमारे नागरिकों का खून बहाता है, तो उसे भारत का पानी नहीं मिलेगा। इसी कारण से सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया।
