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भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खाड़ी क्षेत्र में उठाए गए कदम

भारत खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आवाजाही ठप होने के बावजूद, भारत के दो LPG टैंकर यात्रा शुरू करने की तैयारी में हैं। विदेश मंत्रालय ने भारतीय जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खाड़ी क्षेत्र में उठाए गए कदम

भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कदम


नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक समुद्री व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, वहां से कच्चे तेल की आवाजाही पिछले 24 घंटों से लगभग ठप हो गई है। इस बीच, भारत के दो LPG टैंकर इस चुनौतीपूर्ण मार्ग से गुजरने की तैयारी कर रहे हैं।


खाड़ी क्षेत्र में तनाव का प्रभाव

हाल के दिनों में ईरान और इजराइल-अमेरिका गठबंधन के बीच बढ़ते टकराव ने इस समुद्री गलियारे को संघर्ष क्षेत्र में बदल दिया है। शिपिंग डेटा और व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को कच्चे तेल से लदा कोई भी टैंकर इस मार्ग से नहीं गुजरा। सुरक्षा कारणों से सैकड़ों जहाजों ने लंगर डाल दिया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।


भारत के LPG टैंकरों की स्थिति

क्या है पूरा मामला?


तेहरान की चेतावनियों के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में भारी उथल-पुथल मच गई है, जिसमें कहा गया था कि वह खाड़ी से निकलने वाले जहाजों को निशाना बनाएगा। यह ध्यान देने योग्य है कि दुनिया की कुल तेल और LPG आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है।


इस अनिश्चितता के बीच, भारत के दो LPG टैंकर 'पाइन गैस' और 'जग वसंत', जो वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में शारजाह के पास हैं, ने यात्रा फिर से शुरू करने के संकेत दिए हैं। MarineTraffic के डेटा के अनुसार, दोनों जहाजों ने अपनी यात्रा फिर से शुरू करने की तैयारी दिखाई है।


भारत सरकार की प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?


सूत्रों के अनुसार, ये टैंकर शनिवार को रवाना हो सकते हैं, हालांकि भारत के जहाजरानी मंत्रालय ने इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 'जग वसंत' को BPCL ने चार्टर किया है, जबकि 'पाइन गैस' का संचालन IOC कर रहा है।


भारत सरकार इस उभरती स्थिति को लेकर सतर्क है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


विदेश मंत्रालय का बयान

रणधीर जायसवाल ने क्या बताया?


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने 22 जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही की वकालत करते हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक नेताओं के संपर्क में हैं, ताकि भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जा सके।