भारत की परमाणु ताकत: पाकिस्तान से आगे बढ़ने की रणनीति
परमाणु हथियारों की दौड़ में भारत की स्थिति
युद्ध की जीत का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि युद्ध से पहले डर का माहौल बनाया जाए, और आज के युग में यह डर परमाणु शक्ति से उत्पन्न होता है। भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन यह जीत किसी खेल या आर्थिक रैंकिंग में नहीं है। यह परमाणु बमों की संख्या और रणनीति की दौड़ है। द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए दो परमाणु बमों ने शहरों को नष्ट कर दिया और लाखों लोगों की जान ले ली। आज भी, वहां परमाणु तबाही के निशान मौजूद हैं। इसके बावजूद, दुनिया ने परमाणु हथियारों से दूरी बनाने के बजाय एक नई दौड़ शुरू कर दी है। यह माना जाता है कि परमाणु हथियार युद्ध को रोकते हैं, क्योंकि कोई भी देश इतना बड़ा जोखिम नहीं उठाना चाहता।
परमाणु हथियारों की संख्या और विकास
हालांकि, सच्चाई यह है कि यदि ये हथियार इस्तेमाल होते हैं, तो युद्ध नहीं, बल्कि पूरी मानवता का विनाश होगा। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने 2025 की अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत के पास 180 परमाणु हथियार हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 170, चीन के पास लगभग 600, रूस के पास 5459 और अमेरिका के पास 5177 हैं। अमेरिका इस दौड़ में सबसे आगे है। हालांकि, भारत तेजी से अपने परमाणु हथियारों का विकास कर रहा है।
भारत की रणनीतिक बढ़त
भारत और पाकिस्तान की संख्या लगभग बराबर है, लेकिन चीन इस दौड़ में काफी आगे है। फिर भी, भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ने का दावा किया है। यह इसलिए है क्योंकि परमाणु ताकत केवल संख्या से नहीं, बल्कि हथियारों के उपयोग की गति, दूरी और सुरक्षा से मापी जाती है। SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2024 में अपने परमाणु हथियारों में गुणात्मक बदलाव किया है।
भारत की नई नीति
भारत की रणनीति में परमाणु हथियार और लॉन्चर को अलग-अलग रखने की नीति थी, लेकिन अब मिसाइलें कैनिस्टर्स में सील की जाती हैं और हमेशा तैयार रहती हैं। इससे तेज़ी से लॉन्च किया जा सकता है और यह अधिक सुरक्षित होती हैं। इसका मतलब है कि भारत की परमाणु प्रतिक्रिया तेज़ होगी, जिससे दुश्मन को कोई मौका नहीं मिलेगा। इस प्रकार, भारत को पाकिस्तान पर बढ़त मिल जाती है। इसके अलावा, यह सवाल हमेशा उठता है कि क्या पाकिस्तान के परमाणु हथियार सुरक्षित हाथों में हैं?
