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भारत की वैश्विक छवि पर ट्रंप के बयानों का प्रभाव

डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने भारत की वैश्विक छवि को चुनौती दी है। उन्होंने भारत को 'मोदी वॉर' का हिस्सा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इस लेख में जानें कि कैसे ट्रंप प्रशासन ने भारत को कटघरे में खड़ा किया है और इसके संभावित प्रभाव क्या हो सकते हैं। क्या भारत को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए? पढ़ें पूरी जानकारी के लिए।
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भारत की वैश्विक छवि पर ट्रंप के बयानों का प्रभाव

भारत पर ट्रंप का कटाक्ष

डोनाल्ड ट्रंप के प्रति अब कोई गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है, इसलिए भारत का मौन रहना उचित है। फिर भी, ट्रंप और उनके सहयोगियों ने जिस तरह से भारत को कटघरे में खड़ा किया है, वह भारत की संप्रभुता के लिए एक सीधी चुनौती है। विश्व राजनीति में किसी देश को इस तरह से अपमानित नहीं किया गया है, जैसा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ कर रहा है। उदाहरण के लिए, ट्रंप के व्यापार सलाहकार नवारो ने रूस-यूक्रेन युद्ध को 'मोदी वॉर' करार दिया। उन्होंने हाल ही में 'ब्लूमबर्ग टीवी' को दिए एक साक्षात्कार में भारत पर युद्ध को बढ़ावा देने और दोहरे खेल खेलने का आरोप लगाया।


अमेरिका के वाणिज्य मंत्री की टिप्पणी

अमेरिका के वाणिज्य मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूक्रेन युद्ध से पहले भारत की कुल तेल खरीद का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा रूस से आता था, लेकिन अब यह 42 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के कुछ धनी घरानों ने सस्ते रूसी तेल को खरीदकर 16 बिलियन डॉलर की कमाई की है, जो कि एक अवसरवादी तरीका है। ट्रंप के शीर्ष आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने कहा कि यदि भारतीय नहीं झुकते, तो ट्रंप भी नहीं झुकेंगे।


ट्रंप की कैबिनेट बैठक में भारत-पाकिस्तान का जिक्र

बुधवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप ने अपनी कैबिनेट बैठक में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने का श्रेय लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मोदी से कहा था कि वे परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्ष पीछे हट गए।


मोदी का संसद में बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जुलाई 2025 को संसद में स्पष्ट किया था कि उनकी ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान हमला करने की योजना बना रहा है, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। इस संदर्भ में, क्या भारत सरकार ट्रंप को जवाब नहीं दे सकती कि वे झूठ बोल रहे हैं?


भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा पर असर

यह महत्वपूर्ण है कि भारत अपनी वैश्विक प्रतिष्ठा को बनाए रखे। ट्रंप प्रशासन द्वारा यूक्रेन-रूस युद्ध को 'मोदी वॉर' कहना और भारत को अपमानित करना बेहद गंभीर है। यह समझना मुश्किल है कि ट्रंप प्रशासन भारत से इतना नाराज क्यों है। ट्रंप और नवारो के बयानों के बाद, अमेरिका में भारतीय सामान महंगा हो जाएगा, जिससे भारत की व्यापारिक स्थिति प्रभावित होगी।